Saturday, January 02, 2010 / लेबल: ,

टिप्पणियों Comments के बदले बधाई व शुभकामनाएँ? ऐसा कैसे हो गया!!

टिप्पणियों से हालांकि आए दिन बवाल मचा रहता है, किन्तु टिप्पणियों के सम्पर्क में रहने हेतु कुछ व्यवहारिककुछ तकनीकी बातों से लाभ उठाने वाले पाठकों ने इसकी परवाह नहीं की है। इस बार जब मैंने हिन्दी ब्लॉगरों के जनमदिन वाले ब्लॉग का टेम्पलेट बदला तो ख्याल आया कि अलग अलग तरह के ब्लॉगों में कई बार रूखे-सूखे से दिखने वाले टिप्पणी लिंक को अपने मनमुताबिक शब्दों से बदलने की तकनीक के बारे में कई पाठकों ने जानना चाहा है। वैसे भी कई सप्ताह से पोस्ट नहीं लिख पाया था, सोचा कि पोस्ट लिख ही ली जाए। आईए देखें यह कैसे किया जाता है।

हिन्दी ब्लॉगरों के जनमदिन वाले ब्लॉग पर, पोस्ट के ठीक नीचे कुछ ऐसा दिखता था: 30 Comments! ऐसा लगता था कि जैसे उस ब्लॉगर के जनम के बारे में टिप्पणियाँ आई हैं

जबकि मैं चाहता था कि वहाँ दिखे, कितने व्यक्तियों ने शुभकामनाएँ दी हैं

आप देख सकते हैं कि यह कैसे किया गया

इसके लिए
  1. ब्लॉगस्पॉट में लॉग-इन करें
  2. डैशबोर्ड Dashboard > लेआउट Layout > HTML संपादित edit चुनें
  3. विजेट टेम्पलेटों का विस्तार करें Expand Widget Templates
  4. Ctrl के साथ F दबाकर या ब्राऊज़र के फाईल मेन्यू में जा कर निम्न कोड तलाशें

<span class='post-comment-link'>
<b:if cond='data:blog.pageType != "item"'>
<b:if cond='data:post.allowComments'>
<a class='comment-link' expr:href='data:post.addCommentUrl' expr:onclick='data:post.addCommentOnclick'><b:if cond='data:post.numComments == 1'>1 <data:top.commentLabel/><b:else/><data:post.numComments/> <data:top.commentLabelPlural/></b:if></a>
</b:if>
</b:if>
</span>

अब जहाँ लाल रंग का कोड है उसके बदले लिख दिया शुभकामनाएँ। फिर पूर्वालोकन Preview कर देखा गया। ब्लॉग ठीक खुला, सब ठीक दिखा तो सहेज लिया Save कर लिया। फिर ब्लॉग देखा, मज़ा आ गया।

लेकिन उलझन फिर हुई। पोस्ट पर क्लिक कर आगे बढ़ने पर लिखा दिखा कि संबंधित व्यक्ति को उसके जनमदिन पर एक टिप्पणी भेजें।


जनमदिन पर टिप्पणी!? मैं चाहता था कि लिखा हुया दिखे संबंधित व्यक्ति को उसके जनमदिन पर अपनी शुभकामनाएँ दें


अब देखिए इसे कैसे किया जा सकता है।
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  4. Ctrl के साथ F दबाकर या ब्राऊज़र के फाईल मेन्यू में जा कर निम्न कोड तलाशें

<p class='comment-footer'>
<a expr:href='data:post.addCommentUrl' expr:onclick='data:post.addCommentOnclick'><data:postCommentMsg/></a>
</p>
अब जहाँ लाल रंग का कोड है उसके बदले लिखें अपनी शुभकामनाएँ दें। फिर पूर्वालोकन Preview कर देख लें। ब्लॉग ठीक खुले, सब ठीक दिखे तो सहेज लें Save कर लें।

ब्लॉग देखा, अच्छा लगा। मन किया कि शुभकामनाएँ देने के लिए कम्प्यूटर का कीबोर्ड भी दिखे तो कितना बढ़िया लगे। फिर क्या था। की-बोर्ड का एक अच्छा सा चित्र 80 X 80 के आकार का ले कर उसे पिकासा में डाला और उसका लिंक ले कर कोड बनाया गया, कुछ ऐसा
<img src='http://www.bspabla.com/keyboard.jpg'/>
फिर उसे अपनी शुभकामनाएँ दें के पहले डाल दिया गया। अब कोड कुछ इस तरह दिखने लगा
<p class='comment-footer'>
<a expr:href='data:post.addCommentUrl' expr:onclick='data:post.addCommentOnclick'><img src='http://YOUR-IMAGE-URL'/>अपनी शुभकामनाएँ दें</a>
</p>
जहाँ नीले रंग का कोड है वहाँ अपने चित्र का लिंक देना पड़ेगा। फिर पूर्वालोकन Preview कर देख लें। ब्लॉग ठीक खुले, सब ठीक दिखे तो सहेज लें Save कर लें। वैसे चित्र का आकार आप अपनी पसंद का रख सकते हैं, केवल उसका दिखना ठीक लगे बस।

अंत में जब कुछ बधाईयाँ आ चुकीं तो सामने लिखे शब्द मुँह चिढ़ाते से लगे 30 Comments


अरे! अब क्या किया जाए। चलिए देखा जाए इसका भी इलाज़।
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  4. Ctrl के साथ F दबाकर या ब्राऊज़र के फाईल मेन्यू में जा कर निम्न कोड तलाशें

<b:if cond='data:post.allowComments'>
<a class='comment-link' expr:href='data:post.addCommentUrl' expr:onclick='data:post.addCommentOnclick'><b:if cond='data:post.numComments == 1'>1 <data:top.commentLabel/><b:else/><data:post.numComments/> <data:top.commentLabelPlural/></b:if></a>
</b:if>
अब जहाँ लाल रंग का कोड है उसके बदले लिखें बधाईयाँ। चित्र यदि देना हो तो अपने चित्र का लिंक बनाएँ, उचित HTML के साथ, जैसे
<img src='http://www.bspabla.com/flower.jpg'/>
उसे लाल रंग के कोड के ठीक पहले डाल दें फिर पूर्वालोकन Preview कर देख लें। ब्लॉग ठीक खुले, सब ठीक दिखे तो सहेज लें Save कर लें। अब वह दिखेगा


बात आखिर बन ही गई!

इस तकनीक का प्रयोग कर आप अपने ब्लॉग के विषय से संबंधित शब्दों का प्रयोग करते हुए ब्लॉग की खूबसूरती बढ़ा सकते हैं। जैसे
  • अजय कुमार झा के ब्लॉग पर हो सकता है: एक टिप्पणी भेजें के बदले अपनी भावनाएँ बताएँ/ 13 टिप्पणियाँ के बदले 13 साथियों की भावनाएँ
  • संगीता पुरी जी के ब्लॉग पर हो सकता है: एक टिप्पणी भेजें के बदले अपने बहुमूल्य विचार दें/ 17 टिप्पणियों के बदले 17 ज्योतिषीय विचार
  • ललित शर्मा के ब्लॉग पर हो सकता है: एक टिप्पणी भेजें के बदले सार्थक विचार बताएँ/ 12 टिप्पणियों के बदले 12 सार्थक विचार
बताईएगा, यह ठीक है ना?

अपने सुझाव/ जिज्ञासा/ उलझन/ टिप्पणी हमें बताएँ। यहाँ क्लिक करें (13) / Read More

Sunday, November 01, 2009 / लेबल: ,

टिप्पणियों के सम्पर्क में रहने हेतु कुछ व्यवहारिक बातें

हमेशा की तरह विभिन्न प्रकार के मुद्दों पर इन दिनों हिंदी ब्लॉग जगत में हलचल हो रही है। कई विवादित मुद्दे भी हैं। ऐसे ही एक मुद्दे वाली पोस्ट पर एक ब्लॉगर साथी द्वारा की गई टिप्पणी पर आ रही उत्तेजित प्रतिक्रियायों के बारे में, मैंने बात करनी चाही तो वह हैरान परेशान हो गया। उसका कहना था कि मैं तो टिप्पणी लिख कर आ गया था, अब बाद में क्या हुआ मुझे कुछ मालूम नहीं। वह पोस्ट कौन सी थी यह भी वह भूल चुका था! मुझसे उसने उस पोस्ट की लिंक मांगी तो उसे मेरा इंकार ही मिला। किसी तरह वह उसी पोस्ट को तलाशते हुए गया और बड़ा मायूस हो कर लौटा। उसने जो टिप्पणी की थी उस पर कई ऐसी प्रतिक्रियाएँ आईं जिसका ज़वाब समय पर नहीं दिए जाने पर बात बिगड़ गई थी।


अपनी टिप्पणी पर अपडेट ले पाने के लिए वह जो चाहता था वैसा इलाज़ बताया गया। आंईदा के लिए सचेत होने के कवच सहित टिप्पणी क्षेत्र में जाने का आत्मविश्वास लिए वह फिर तैयार है।

पिछले माह जब टिप्पणी लिखने वालों के लिए कुछ तकनीकी बातें बताई गईं थीं तो आपकी प्रतिक्रियाओं ने मुझे चकित कर दिया था। तब से ही इच्छा थी कि अब टिप्पणी तंत्र संबंधित कुछ व्यवहारिक बातें भी आपसे साझा करूँ। यह व्यवहारिक बातें फिलहाल टिप्पणी करने वालों के लिए हैं।

फिलहाल ब्लॉगस्पॉट में टिप्पणी तंत्र के लिए तीन विकल्प हैं। पहला, पोस्ट के नीचे ही एक बॉक्सनुमा स्थान, दूसरा पॉप-अप विंडो तथा तीसरा फुल पेज-पूरा पृष्ठ।

अब यदि आप किसी पोस्ट पर टिप्पणी करते हैं और उसके बाद आने वाली टिप्पणियों से भी अवगत होते रहना चाहते हैं तो पोस्ट के नीचे चिपके हुए बॉक्सनुमा में टिप्पणी देने के बाद वहाँ क्लिक करें जहाँ लिखा हुया है Subscribe by Email/ ईमेल के द्वारा सदस्यता लें। आपके क्लिक करते ही जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो उन शब्दों के बदले लिखा हुया आना शुरू हो जाएगा कि Unsubscribe/ सदस्यता रद्द करें। इससे होगा यह कि आपकी टिप्पणी के बाद जितनी टिप्पणियाँ आएँगीं, वह सभी आपको अपने ईमेल के इन-बॉक्स में मिलती जाएँगी, आपको बार-बार उस ब्लॉग पोस्ट तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी कि वहाँ कोई और टिप्पणी की गई है या नहीं!
इस प्रक्रिया को आप रोक भी सकते हैं। मात्र Unsbscribe/ सदस्यता रद्द करें लिंक पर क्लिक करें, टिप्पणियाँ आनी बंद हो जाएँगी।

पॉप-अप या पूरे पृष्ठ के विकल्प वाली टिप्पणियो हेतु Email follow-up comments to ... / फॉलो-अप टिप्पणियों को ... पर ई-मेल करें के पहले बने छोटे से बक्से पर क्लिक कर चुन लें, तो टिप्पणियाँ आनी शुरू हो जाएँगी, जिसकी पुष्टि के लिए आपको लिखा मिलेगा Follow-up comments will be sent to .../ फॉलो-अप टिप्पणियाँ ... पर भेजी जाएँगी। यदि टिप्पणियाँ बंद करनी हो तो इसी पंक्ति के आगे लिखे Unsubscribe/ सदस्यता निकालें पर क्लिक करें। आने वाली टिप्पणियाँ बंद हो जाएँगी।

वर्डप्रेस ब्लॉगों पर इस सुविधा को, टिप्पणी बक्से के नीचे लिखे विकल्प Notify me of follow-up comments via email को चुन कर प्राप्त किया जा सकता है। वर्डप्रेस होस्टेड ब्लॉग पर यह सुविधा अधिकतर नदारद ही दिखी मुझे।
वैसे ब्लॉग पोस्ट के नीचे टिप्पणी बॉक्स वाला विकल्प किसी किसी ब्लॉग टेम्पलेट पर कार्य नहीं करता। हमारे एक-दो ब्लॉगर साथियों ने तो इस झंझट से मुक्ति पाने के लिए अपने लोकप्रिय ब्लॉग बंद कर, नए ब्लॉग ही बना लिए थे!

यह किस्सा फिर कभी।

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Tuesday, October 06, 2009 / लेबल: , , , , ,

ट्विटर अपडेट अपने ब्लॉग पर कैसे दिखाए जाएँ

कई बार इच्छा होती है कि माइक्रो पोस्ट लिखने के लिए ट्विटर का उपयोग किया जाए या ट्विटर की मूल परिकल्पना पर चलते हुए अपना संक्षिप्त संदेश दिया जाए। आपने देखा ही है कि कैसे फेसबुक का प्रचार ब्लॉग पर या ब्लॉग को ऑर्कुट पर दिखाया जा सकता है।


फिर ख्याल आता है कि इस संदेश को अगर मेरे ब्लॉगर साथी भी देख सकें तो बढ़िया रहे। इसी उधेड़ बुन में एक युक्ति से पाला पड़ा। इससे एक काम आसान हो गया कि ब्लॉगर साथी को ट्विटर तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, ब्लॉग देखते ही ट्विटर अपडेट भी दिख जाएँगे।

ट्विटर लघु संदेशों के लिए एकदम फिट है। कहा जाए तो माइक्रो ब्लॉगिंग के लिए तो वरदान है। ब्लॉग की बड़ी पोस्ट्स के साथ आकस्मिक संदेश देखना एक अलग ही अनुभव होता है।

आइए देखें इस सुविधा का उपयोग कैसे किया जाए। यह बहुत आसान है। इसके लिए
  1. अपने ब्लॉग पर लॉगिन करें
  2. Layout पर Page Elements से Add a Gadget के अंतर्गत HTML/JavaScript चुनें
  3. ऊपरी छोटे आयत में ट्विटर अपडेट हेतु अपने मनचाहे शब्द लिखें
  4. निचले बड़े आयत में नीचे दिया गया कोड डाल कर आवश्यक फेरबदल करें और सहेज लें Save कर लें
<div id="twitter_div">
<ul id="twitter_update_list"></ul>
<a id="twitter-link" style="display:block;text-align:right;" href="http://twitter.com/bukhar">follow me on Twitter</a>
</div>
<script src="http://twitter.com/javascripts/blogger.js" type="text/javascript"></script>
<script src="http://twitter.com/statuses/user_timeline/bukhar.json?callback=twitterCallback2&count=5" type="text/javascript">
</script>

ऊपर दिए गए इस कोड में अपना ट्विटर उपयोगकर्ता नाम बदलना न भूलिएगा, bukhar के बदले। इसके अलावा यदि अपडेट की संख्या कम-अधिक करना चाह्ते हों तो count=5 में अपनी अपडेट संख्या बदलें। अभी यह 5 है। follow me on Twitter के बदले आप अपने शब्द लिख सकते हैं

बस हो गया। अब आपके ट्विटर अपडेट आपके ब्लॉग पर दिखने शुरू हो जाएँगे। वैसे ट्विटर ने भी एक विज़ेट प्रस्तुत किया है। उसका प्रयोग भी किया जा सकता है।

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Saturday, September 19, 2009 / लेबल: , , ,

ब्लॉग फीड अपडेट नहीं हो रही या खाता नहीं बन रहा? इलाज़ है यहाँ

पिछले महीने जब हिंदी ब्लॉगजगत में यह विवाद छिड़ा हुआ था कि जाने-अनजाने ब्लॉगर साथियों को ईमेल भेज कर अपना ब्लॉग पढ़वाया जाए कि नहीं? तो उस समय एक पोस्ट इस ब्लॉग पर डाली गई थी कि ब्लॉग पढ़वाने के लिए ईमेल क्यों भेजना? ... इसमें फीडबर्नर का खाता बना कर उसकी एक सुविधा से लाभ उठाने की जानकारी दी गई थी। उस समय राजीव तनेजा जी ने सम्पर्क कर बताया था कि वे फीडबर्नर का एकाऊंट बनाने की कोशिश कर रहें हैं किन्तु हर बार असफलता हाथ लग रही। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, समस्या का निराकरण किया गया लेकिन उसके बाद से कुछ और साथियों ने वही शिकायत की। इसके पहले भी कई ब्लॉगर साथियों की फीड अपडेट न होने की समस्या भी थी। तो सोचा कि एक पोस्ट लिखकर ही बता दिया जाए।

एकाऊंट बनाने के लिए जैसा कि बताया गया था कि
1- फीडबर्नर की साईट पर जाएँ, अपनी जीमेल की आईडी/ पासवर्ड डालें। यदि जीमेल की आई डी नहीं है तो पहले फीडबर्नर में अपना खाता बनाएँ
2- सामने खुले पृष्ठ पर Burn a feed right this instant के नीचे अपने ब्लॉग का URL डालें, Next पर क्लिक करें


किन्तु इस समस्या में निचले चित्र जैसा कुछ लिखा हुया आता है कि Error getting URL: 502 – Source feed is too large … maximum size is 512K. इसका मतलब यह होता है कि आपके ब्लॉग की फीड का आकार 512KB से अधिक है। गूगल ने भी यह साफ बताया हुया है कि फीडबर्नर की सीमा 512KB की है और जब तक आकार इससे कम नहीं होगा, फीड अपडेट नहीं होगी/ खाता नहीं बनेगा! इस आकार की सीमा में उसमें लगे चित्र, मीडिया या अन्य लिंक शामिल नहीं हैं। मोटे तौर पर यह सीमा संतोषजनक है लेकिन कई बार फीड में ढ़ेरों लेख व लम्बी-लम्बी पोस्ट लिखे जाने पर यह समस्या आ खड़ी होती है।

अब इसका इलाज देखा जाए। चाहे आप नया खाता बना रहे हों या फीड अपडेट ना होने की समस्या से ग्रस्त हों। पहले चित्र में इंगित किए गए स्थान में, जहाँ आपके ब्लॉग का URL या फीड का पता लिखा जाता है ( जैसे http://blogbukhar.blogspot.com/feeds/posts/default) वहाँ लिखिए http://blogbukhar.blogspot.com/feeds/posts/default?max-results=3 (वैसे max-results 1 से 500 तक कुछ भी हो सकते हैं, जो फीड में आपके ब्लॉग की फीड संख्या प्रदर्शित करता है) blogbukhar के बदले आपका ब्लॉग आएगा

इतना करने के बाद, यदि आप खाता बना रहे हैं तो इस पोस्ट के अनुसार आगे बढ़ें, अगर फीड अपडेट न होने की समस्या है तो Save कर लें, सहेज लें। आपकी समस्या सुलझ गई अब!

मूल कारण तो आप समझ ही गए होंगे। लम्बी लम्बी पोस्ट लिखकर, फीड में पोस्टों की संख्या अधिक हो जाने पर यह समस्या आ सकती है। अब चाहे वो फुर्सत से लिखी गई पोस्टें हों या ढ़ेरों चिट्ठों की चर्चा या फिर उपन्यासनुमा लेख!

अब आप कहेंगे की कैसे नापा जाए आकार को? तो भई, अगली पोस्ट के लिए भी कुछ छोड़ना चाहिए ना!

आपका इस समस्या से पाला पड़ा ही होगा?

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Sunday, September 06, 2009 / लेबल: ,

टिप्पणी लिखने वालों के लिए कुछ तकनीकी बातें

"कई बार ऐसा होता है दिल कसमसा कर रह जाता है, कम्बख़्त ऐसा मैं क्यों नहीं कर पाता?" एक ऐसे ब्लॉगर के मुँह से मैं यह बात सुन रहा था जिसे लगभग दो वर्ष होने को आए हिंदी ब्लॉग जगत में। मेरा दिल किया उसी समय उनको बता दूँ सभी जानकारियाँ, लेकिन कई बातें थीं जो लिखित में ज़्यादा बेहतर समझ में आतीं। इसके अलावा लिखित में होने से यह कई जाने- अन्जाने ब्लॉगरों के काम भी आ जाएगी। यही सोच कर आज की यह पोस्ट लिखने बैठ गया।


बात हो रही थी, टिप्पणी में लिंक लगाने, अक्षरों को गाढ़ा करने, तिरछा लिखने आदि की। आपने भी कई बार देखा होगा टिप्पणियों में ऐसे लेखन को


यदि इसे सीधे सीधे लिखा जाता तो यह दिखता ऐसे

लिंक दिखाए जाने पर यह हो जाता


निश्चित तौर पर अंतिम दोनों चित्र कुछ अधिक प्रभाव नहीं डाल पाते और व्यवहारिक नहीं दिखते। आइए देखें इसे कैसे किया जाता है

अगर आप किसी पैराग्राफ, वाक्य, शब्द, अक्षर को तिरछा Italic दिखाना चाह्ते हैं तो उसके शुरू में <i> तथा अंत में </i> लिख दें। जैसे

सहमति जताना मेरे लिए मुश्किल है

के बदले लिखिए

<i>सहमति जताना मेरे लिए मुश्किल है</i>


परिणाम आएगा

सहमति जताना मेरे लिए मुश्किल है


अगर आप किसी पैराग्राफ, वाक्य, शब्द, अक्षर को गाढ़ा Bold दिखाना चाह्ते हैं तो उसके शुरू में <B> तथा अंत में </B> लिख दें। जैसे

लेकिन मुद्दा कुछ अलग सा है

के बदले लिखिए

लेकिन <B>मुद्दा कुछ अलग</B> सा है


परिणाम आएगा

लेकिन मुद्दा कुछ अलग सा है

अगर आप किसी पैराग्राफ, वाक्य, शब्द, अक्षर में लिंक लगाना चाह्ते हैं तो यह प्रक्रिया अपनाईए

या फिर मेरा पूरा ब्लॉग http://blogbukhar.blogspot.com/ देख लीजिए

के बदले लिखिए

या फिर मेरा <a href="http://blogbukhar.blogspot.com/">पूरा ब्लॉग</a> देख लीजिए


परिणाम आएगा

या फिर मेरा पूरा ब्लॉग देख लीजिए

इस तरह की सजावट से टिप्पणियों पर अपनी बात कह पाने में आसानी होती है। जैसे तिरछे वाक्यों, शब्दों से किसी संदर्भ को दर्शाया जा सकता है। गाढ़े वाक्यों, शब्दों से उन पर जोर दिया जाना दर्शाया जा सकता है। लिंक लगा दिए जाने से उस पर जाना आसान किया जा सकता है क्योंकि सामान्यतया: सीधे सीधे लिंक लिख देने पर उसे कॉपी कर ब्राऊज़र में पेस्ट कर Enter दबाने का झंझट बहुत कम लोग करते हैं। लिंक पर क्लिक करना बेहद आसान है।

लिंक लगाने में एक गलती तो मुझसे अभी भी हो जाती है। कभी कभी " चिन्ह लगाना भूल जाता हुँ। बेहतर होगा नोटपैड में एक वाक्य लिख कर डेस्कटॉप पर सहेज लें, लिंक लगाते वक्त उसे खोलें और दो जगह फेरबदल कर कॉपी-पेस्ट कर लें। वाक्य है

<a href="YOUR LINK">YOUR TEXT</a>


YOUR LINK के बदले वह URL आएगा जहाँ आप ले जाना चाहते हैं तथा YOUR TEXT के बदले वह वाक्य या शब्द आएँगे, जिस पर क्लिक किए जाने पर लिंक खुलेगी।

मेरा ख्याल है यह जानकारी आपको पसंद आएगी।

अपने सुझाव/ जिज्ञासा/ उलझन/ टिप्पणी हमें बताएँ। यहाँ क्लिक करें (45) / Read More

Friday, September 04, 2009 / लेबल: ,

टिप्पणी में, एक्सेल में, वर्ड में, नोटपैड आदि में हिंदी कैसे लिखें

हाल ही में आई ब्लॉगस्पॉट की दसवीं सालगिरह पर जो नया एडिटर पेश किया गया है उसमें ऑनलाईन हिंदी लिखे जाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। गूगल क्रोम व ओपेरा में तो यह पुराने एडिटर पर भी उपलब्ध नहीं है। इस तरह के हिंदी लेखन को लिप्यांतरण Transliteration कहा जाता है। जिसके लिए इंटरनेट से जुड़ा होना एक शर्त होती है। पिछले दिनों कुछ ब्लॉगर साथियों ने सम्पर्क कर उत्सुकता प्रकट की थी कि कोई ऐसा औजार है जिससे सीधे हिंदी लिखी जा सके? टिप्पणी में भी! मैंने उन्हे बहुतेरे उपाय सुझाए जैसे बरहा, हिंदी राईटर, कैफे हिन्दी, यूडिट, तख्ती, माध्यम आदि। अब समस्या यह कि किसी एक की अनुशंसा कैसे करूँ, सभी के अपने गुण-दोष हैं। फिर भी उन्हें बताया कि मैं स्वयं हिंदी राईटर का उपयोग करता हूँ, बाकियों को आज़माया नहीं है। किसी ने कहा इसे उपयोग कैसे करते हैं बताईए। फिर डॉ प्रभात टंडन जी के ब्लॉग की लिंक दी गई।


एक साथी ने हिंदी राईटर डाउनलोड किया। इंस्टाल करने चले तो अटक गए, कम्प्यूटर बाबा सीडी के बिना टस से मस नहीं हो रहे थे। उन्होंने झल्ला कर कह दिया कि पूरी जानकारी क्यों नहीं देते एक बार में। ध्यान आया कि एक बार कहीं देखी थी इसकी पूरी विधि, लेकिन अब याद नहीं कहाँ थी। इंटरनेट पर उड़ती नज़र मारी, नहीं दिखा कुछ तो सोचा हम ही ना लिख दें एक बार फिर से! एक पोस्ट तो बनेगी!!




तो देखा जाए इसका इंस्टालेशन

हिंदी राईटर की एक वेबसाईट होती थी। वह अब बंद हो चुकी लेकिन इसे अभी दो विश्वसनीय स्थानों से डाउनलोड किया जा सकता है। पहली लिंक है इसके संस्करण 1.4a की यहाँ, दूसरी लिंक है इसके 1.4b संस्करण की यहाँ । 1.4b अधिक सुधरा रूप है। वैसे तो डाउनलोड की गई फाईल से इंस्टालेशन किए जाने पर कोई दिक्कत नहीं होती किन्तु किसी किसी कम्प्यूटर में यह ऑपरेटिंग सिस्टम वाली सीडी की माँग करता है।

इंस्टालेशन के बाद यह स्वयं ही आपको Regional and Langauge Options Langauge टैब पर ले जाता है।

आवश्यकता हो तो, आप यहाँ स्वयं भी जा सकते हैं बाद में। वहाँ Supplemental Langauge Support के अंतर्गत Install files for complex script and left to right langauges (Included Thai) को चुन लें तथा Apply पर क्लिक करें। एक चेतावनी दिखेगी उसे OK कर दें।


हो सकता है पूरी प्रक्रिया चुपचाप खतम हो जाए या फिर सीडी डालने को कहा जाए! सीडी को ड्राईव में डाल कर कुछ सेकेंड बाद आगे बढ़ने की अनुमति दें। पूछे जाने पर कम्प्यूटर Restart करें।

जब कम्प्यूटर पुन: शुरू होगा तो एक आईकॉन दिखेगा।


इसे क्लिक किए जाने पर नीचे टास्क बार में लाल रंग की पृष्ठभूमि में लिखा हुआ दिखेगा।


अब अपने की-बोर्ड पर Shift दबाए रख कर Pause को एक बार दबा कर छोड़ देंगे तो यही , हरे रंग की पृष्ठभूमि में दिखेगा।


पुन: की-बोर्ड पर Shift दबाए रख कर Pause को एक बार दबा कर छोड़ देंगे तो एक बार फिर लाल रंग की पृष्ठभूमि में अ लिखा हुआ दिखेगा।

जब तक हरे रंग की पृष्ठभूमि रहेगी, आपके द्वारा की-बोर्ड से हिंदी लिखी जा सकेगी, जब पृष्ठ्भूमि लाल होगी तो अंग्रेजी लिखी जा सकेगी। एक ही पृष्ठ पर आप इसे सैकड़ों बार इसे बदल सकते हैं। यदि Shift + Pause में सहूलियत न हो तो इसी वाले आईकॉन पर राईट क्लिक कर Toggle Transliterator को चुन कर भी यही कार्य किया जा सकता है।


हिंदी लिखने के लिए अक्षरों का पूरा खाका ऊपर सबसे पहले चित्र में है। जैसे जैसे आप की-बोर्ड पर टाईप करते जाएँगे, वैसे वैसे शब्द बनते चले जाएँगे। एक सुविधा भी है इसमें कि यह आपके टाईप किए जा रहे अक्षरों के आधार पर शब्दों को सुझाते जाता है और आप उन्हें एक क्लिक में चुन सकते हैं।

जैसे कि, यदि आप लिखना चाहेंगे समस्याएँ तो सम लिखते ही दाँई ओर एक सूची आते जाएगी, छोटी बड़ी होती हुई। अब समस लिखते ही 26 शब्दों की सुझाव-सूची में 21वें तथा 22वें स्थान पर क्रमश: समस्याएँ व समस्याएं लिखा दिखेगा। अब यदि आपको समस्याएँ लिखना पसंद है तो समस लिखने के तुरंत बाद 21 लिख कर की-बोर्ड का स्पेस-बार दबा दें, अपने आप ही समस्याएँ लिखा जाएगा! यदि 22 लगा देंगे तो समस्याएं लिखा जाएगा!!

कुछ उदाहरण देखिए
  • समस21 = समस्याएँ
  • समस22 = समस्याएं
  • कि2 = किंकर्तव्यविमूढ़
  • हि8 = हिंदुत्ववादी
  • रा13 = राइबोन्यूक्लिएस
  • म25 = मँडराऊँगी
  • द17 = दंडस्वरूप
  • प14 = पंखुड़ियों
  • भ16 = भंडारकर्मी
  • क19 = कंक्रीटयुक्त
  • ष2 = षड़यंत्रकारियों
  • च11 = चंडीगढ़
अगर आप चाहें तो इसे निष्क्रिय भी कर सकते हैं, राईट क्लिक मीनू मे Disable Word Lookup चुन कर। सक्रिय करना हो तो Enable Word Lookup

इसका प्रयोग कर आप माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट, नोटपैड, जीमेल, याहूमेल, याहू मैसेंजर, जीटाक, पर सीधे हिंदी लिख सकते हैं। HTML कोड्स के बीच हिंदी लिख सकते हैं। ब्लॉग पर पोस्ट लिख सकते हैं। टिप्पणी कर सकते हैं। पोस्ट लिखते हुए ध्यान रखें कि ब्लॉगस्पॉट का हिंदी लिप्यांतरण सक्रिय न हो। थोड़े से अभ्यास से आप कठिन शब्द भी सरपट लिख सकते हैं। यदि वर्ड आदि पर लिख रहे हों तो इसका वर्तनी Spelling जाँच करने का तंत्र भी आपकी सहायता करेगा। कोई समस्या हो तो यहीं टिप्पणी कर पूछ लें ताकि बाकी साथियों को भी जानकारी हो सके।

कैसा रहा यह सब कुछ, बताईएगा।

अपने सुझाव/ जिज्ञासा/ उलझन/ टिप्पणी हमें बताएँ। यहाँ क्लिक करें (25) / Read More

Monday, August 31, 2009 / लेबल: , , ,

ब्लॉगस्पॉट की दसवीं सालगिरह पर अब तक के कथित उपहार

पिछले दिनों ब्लॉगर के नाम से प्रचलित ब्लॉगस्पॉट ने दसवीं वर्षगांठ मनाई। इसके पहले इसके कर्ताधर्ता गूगल ने कई उपहार, सुविधायों के रूप में देने की घोषणा की है। अब तक सामने आये कथित उपहारों में ऐसा कुछ उल्लेखनीय नज़र नहीं आता जिसे लेकर हर्ष हो।

नए पोस्ट एडीटर में चाहे जो हो किन्तु देवनागरी सहित भारतीय भाषायों के लिप्यांतरण, transliteration की सुविधा नहीं है। कुछेक कार्य सुविधाजनक कर दिए गए हैं जबकि कुछ में कटौती की गई है।

सबसे ऊपर आने वाले नेवीगेशन बार में ब्लॉग को अपने खाते के द्वारा, ट्विटर, फेसबुक जैसी सामाजिक नेटवर्क वाली वेबसाईट्स पर साझा करने की सुविधा शायद कम ही पसंद की जाए क्योंकि ब्लॉगस्पॉट के अपने टेम्प्लेट्स के अतिरिक्त अन्य सजावटी टेम्पलेट्स में यह नेवीगेशन बार लगभग छुपाया ही जाता है।

लेबल क्लाऊड जैसी सुविधा भी तब नापसंद की जाएगी जब हजारों की तादाद वाले लेबल के ब्लॉगों को जगह की तंगी होगी अपने टेम्प्लेट पर। लेबल की सूची में पहले भी हिंदी के शब्द दिखते थे, जो अभी भी अपना स्थान बनाए हुए हैं। यह सुविधा फिलहाल अनाकर्षक लग सकती है उन आकर्षक त्रिआयामी चलते-फिरते सीमित स्थान में समा जाने वाले विज़ेट के सामने, जो बेहतरीन टेम्पलेट वाले ब्लॉगों पर लगे हुए हैं।

फिर भी आइए एक जायजा लिया जाए इनका


नए पोस्ट एडीटर को सक्रिय करने के लिए सेटिंग्स Settings से बेसिक Basic पर जा कर सबसे नीचे Upadated Editor को चुनकर सहेज लें Save कर लें अब देखिए

  1. बेहतर दिखने वाला टूलबार
  2. अक्षरों के रंग संयोजन की सुविधा बढ़ी है
  3. वाक्यांशों के पार्श्व के रंग चुनने को सुविधा जनक किया गया है।
  4. चित्रों को किसी स्थान पर ले जाने या आकार छोटा बड़ा करने के कार्य को सुविधाजनक किया गया है, किन्तु एक साथ 5 चित्रों को अपलोड करने की सुविधा छीन ली गई है।
  5. लिंक लगाए जाने का कार्य सुगम किया गया है
  6. प्राथमिक HTML संबंधित समस्याओं का समाधान किया गया है
  7. पोस्ट का समय प्रदर्शन वही होगा जब वह प्रदर्शित होगी, न कि जब उसको प्रारम्भ करने की तिथि
  8. पोस्ट का पूर्वालोकन लगभग असल जैसा दिखने का प्रबंध
  9. पोस्ट एडीटर की ऊँचाई कम-ज़्यादा की जा सकती है।
  10. सफारी 3 ब्राऊज़र पर पूर्ण समर्थन
लेबल क्लाऊड के बारे में हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर एक पोस्ट द्वारा बताया जा चुका है।

नेवीगेशन बार से किसी ब्लॉग को साझा करने के लिए आपका संबंधित सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाईट पर खाता होना ज़रूरी है, जहाँ लॉगिन कर आप संबंधित ब्लॉग को, अपने परिचितों से बांट सकते हैं।

यही हैं अब तक के कथित उपहार।

आपका क्या कहना है?

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Monday, August 24, 2009 / लेबल: , , , ,

ब्लॉग पढ़वाने के लिए ईमेल क्यों भेजना? आपकी पोस्ट खुद चल कर जाती है, ईमेल में!

आजकल हिंदी ब्लॉगजगत में ताजा विवाद छिड़ा हुआ है कि जाने-अनजाने ब्लॉगर साथियों को ईमेल भेज कर अपना ब्लॉग पढ़वाया जाए कि नहीं? सभी की अपनी धारणायें हैं, अपने विचार है। कोई इसे सही कहता है कोई गलत। मैं इस विवाद में कूदने की बजाये इतना ही कहना चाहूँगा कि हर ब्लॉगर की तमन्ना होती है कि जितनी बार वह पोस्ट लिखे उतनी बार उसका प्रचार किया जाए, उस पर प्रतिक्रिया पाई जाए। इस चक्कर में बहुत मेहनत कर इक्कठा किए गये ईमेल्स पर अपनी शैली में आग्रह भी किया जाता है। एकाध बार तो परवाह नहीं की जाती और पढ़ भी लिया जाता है। बात तब बिगड़ती है जब यह आग्रह बार-बार आना शुरु हो जाता है।


उत्साही ब्लॉगर द्वारा इस बार बार की जाने वाली इस प्रक्रिया में खुद उसका समय तो खपता है लेकिन ईमेल पाने वाले पर इसका प्रभाव नकारात्मक पड़ता है। सौजन्यतावश भले ही कोई कुछ ना कहता हो किन्तु मेरे जैसे पता नहीं कितने ही लोग ऐसी मेल को स्पैम घोषित कर देते हैं, फिर उस ब्लॉगर द्वारा भेजे जाने वाली भविष्य की सभी ईमेल्स, पाने वाले के इनबॉक्स में आती हीं नहीं, भले ही उसमें कितनी भी अच्छी जानकारी हो।

इन सब से पार पाने की बहुतेरी युक्तियाँ हैं, जिससे दोनों पक्ष खुश रह सकते हैं। एक युक्ति है कि जितनी बार ब्लॉग में पोस्ट छपे, उतनी बार उस पोस्ट की सूचना आपके चाहने वाले की ईमेल में खुद ही चली जाए, बिना आपके कोई अतिरिक्त प्रयास किए। इसके लिए, पोस्ट छापने वाले और पोस्ट की सूचना पाने के इच्छुक को मात्र एक बार, कुछ माऊस क्लिक करना होगा, फिर हमेशा के लिए मौज़ां ही मौज़ां! आईए देखें यह कैसे किया जा सकता है।

आपने विभिन्न ब्लॉगों पर अक्सर ही देखा होगा कि कुछ शब्दों या चित्र के माध्यम से कहा जाता है Subscribe by Email या New post in your Inbox या ईमेल द्वारा नई पोस्ट प्राप्त करें या ताज़ा लेख ईमेल पर पाने के लिए अपना ईमेल पता भरें या फिर ऐसा ही कुछ कुछ्। इस ब्लॉग पर भी आपको ऐसा ही कुछ मिल जाएगा

आइए देखें इस मुफ्त की सुविधा को कैसे लिया जा सकता है

मुझे इसके लिए फीडबर्नर बहुत पसंद है। यह गूगल की ही सम्पत्ति है, इसलिए जीमेल वालों को अलग से खाता नहीं बनाना पड़ता, जीमेल के ही आईडी/ पासवर्ड से इसमें पहुँचा जा सकता है।

1- फीडबर्नर की साईट पर जाएँ, अपनी जीमेल की आईडी/ पासवर्ड डालें। यदि जीमेल की आई डी नहीं है तो पहले फीडबर्नर में अपना खाता बनाएँ
2- सामने खुले पृष्ठ पर Burn a feed right this instant के नीचे अपने ब्लॉग का URL डालें, Next पर क्लिक करें



3- अगले पृष्ठ पर, बेहतर होगा दूसरे रेडियो बटन RSS को चुनें, Next पर क्लिक करें



4- अब खुले पृष्ठ पर Feed Title में अपने ब्लॉग का नाम, हिंदी या अंग्रेजी में, लिखें (सामान्यतया लिखा हुआ ही मिल जाता है) इस नाम को आप बाद में चाहें तो बदल सकते हैं। Feed Address में जितना संक्षिप्त हो सके अपने ब्लॉग से मिलता जुलता नाम अंग्रेजी में लिखें (जैसे मेरे इस ब्लॉग के लिए blogbukhar चुना गया था) ध्यान रहे इसे बदला नहीं जा सकता। चुना गया ब्लॉग नाम उपलब्ध होगा तो बधाई संदेश वाला पृष्ठ मिलेगा



5- अन्यथा आपको कोई और नाम चुनना होगा।


6- अगले पृष्ठ पर बेहतर है चाही गई प्रक्रिया के लिए Skip this ... पर क्लिक कर आगे बढ़ा जाए

7- आपने जो नाम चुना था, Feed Title में, उस दिख रहे नाम पर क्लिक करें, फिर Publicize पर क्लिक कर Email Subscriptions पर क्लिक करें



8- अब यदि आप कोई ऐसा विज़ेट लगाना चाह्ते हैं जिसमें सीधे ईमेल भरा जा सके तो ऊपरी हिस्से के Subscription Form Code के नीचे Use as a Widget में उपयुक्त ब्लॉग प्लेटफॉर्म चुन कर Go पर क्लिक कर लें



9- यदि किसी वाक्य आदि के जरिये संदेश देना चाहें तो निचले हिस्से में Subscription Link Code के नीचे Use as a Widget में उपयुक्त ब्लॉग प्लेटफॉर्म चुन कर Go पर क्लिक कर लें



10- इन सभी सेवायों को सक्रिय करने के लिए Activate पर क्लिक करना मत भूलिएगा


अब आपके ब्लॉग के चाहने वालों को इतना ही करना होगा कि सीधे फॉर्म में अपना ईमेल भरें और Subscribe पर क्लिक कर दें या फिर वाक्य के लिंक पर क्लिक कर खुले फॉर्म में अपना ईमेल भर कर, सुरक्षा के लिए दिए कुछ अक्षर हूबहू भर कर Complete Subscription Request पर क्लिक कर दें। एक बार उसे अपने ईमेल में आई पुष्टिकरण की लिंक पर क्लिक करने की देर है, फिर यह प्रक्रिया खतम!



अब, जब भी आपकी नई पोस्ट प्रकाशित होगी वह संबंधित व्यक्ति के ईमेल में चले जाएगी। अब वह पढ़े ना पढ़े, टिप्पणी करे ना करे उसकी मर्ज़ी! और हाँ वह चाहे तो यह सद्स्यता जब चाहे छोड़ सकता है, जब चाहे ले सकता है। आपको अब कुछ नहीं करना इस सिलसिले में! सब कुछ आटोमेटिक! है ना आसान?

रूकिए जनाब! अब नई पोस्ट को सूचित करती मेल कितने बजे जाएगी? पुष्टिकरण वाली मेल में आपका संदेश क्या होगा? ईमेल में मिलने वाली पोस्ट की सजावट कैसी होगी? आदि आदि का प्रबंधन भी किया जा सकता है। यदि आप चाहेंगे तो एक पोस्ट और लिखनी पड़ेगी इस मुद्दे पर! वैसे कुच्छेक ब्लॉगर साथियों ने भी लिखा है इस बारे में। चाहें तो देख लें हिंदी ब्लॉग टिप्स की यह पोस्ट , छींटे और बौछारें की यह पोस्ट , Control Panel की यह पोस्ट

मेरा ख्याल है ब्लॉग लिखने वाले और उनके चाहने वालों के लिए यह प्रक्रिया आनंददायक व निर्विवाद होगी। अब इतनी अच्छी पोस्ट के बाद इस ब्लॉग बुखार की आने वाली नई पोस्ट्स की सूचना ईमेल से नहीं पाना चाहेंगे? तो फिर इसकी सद्स्यता लीजिए, यहाँ क्लिक कीजिए!

कैसा रहा यह जुगाड़, बताईयेगा ज़रूर।

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Sunday, August 23, 2009 / लेबल: , ,

आज इस अनोखे, असली ब्लॉगर का जनमदिन है, देखिए कौन है वो!

आज 23 अगस्त को उसका जनमदिन है जो कुछ महानों में से एक है (महान ना माना जाए तो कम से कम उत्तम तो है ही)। कहा जाता है कि हिंदी ब्लॉगिंग अभी शैशवावस्था से गुजर रही है। इस लिहाज से देखा जाए तो इनकी किशोरावस्था शुरू होने वाली है। मैं बात कर रहा हूँ ब्लॉगर की। अजी वो ब्लॉगर नहीं जो मानव होते हैं, ये असली ब्लॉगर है। गूगल का ब्लॉगर जिसे ब्लॉगस्पॉट कहा जाता है।

इंटरनेट पर उपलब्ध होने वाले मुफ्त ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्स में असीमित बैण्डविड्थ, सैकड़ों टेम्पलेट्स, कई चित्रों की एक साथ अपलोडिंग आदि से सुसज्जित यह एक इकलौता साधन है जो दुनिया भर में अपनी खूबियों के कारण अलग स्थान रखता है। आज इसे पूरे 10 वर्ष हो गए अवतरित हुए!

ब्लॉगर की रचना Pyra Labs ने 23 अगस्त 1999 को जनता के सामने उजागर की थी। उस समय इसका रंग-रूप कुछ ऐसा था:

(ब्लॉगर: अक्टूबर, 1999 में)



लगभग एक वर्ष के बाद इसके रंग संयोजन तथा प्रारूप में कुछ परिवर्तन किए गए। तब यह ऐसा दिखना शुरू हुआ:

(ब्लॉगर: अक्टूबर, 2000 में)



बाद में, गूगल ने इसे 2003 में खरीद लिया। फिर 2004 में इसका रंग-रूप बदला गया। कुछ फीचर जोड़े गए जैसे पिकासा की मदद से चित्र डालना, टिप्पणी देना, विज़ेट को घसीट कर उसका स्थान बदलना, पोस्ट्स का आर्काईव्ज़ रखना आदि आदि। तब यह ऐसा दिखने लगा:

(ब्लॉगर: अक्टूबर, 2005 में)



और फिर गूगल ने ब्लॉग लेखकों के लिए, इसे अपने विज्ञापन कार्यक्रम Adsense से जोड़ दिया। हिंदी ब्लॉग लेखकों ने करीब डेढ़-दो वर्ष पहले इसका भी आनंद लिया। फिर गूगल ने यह सुविधा वापस ले ली, जिसके इसी वर्ष वापस आने की अपुष्ट खबरें आने लगी हैं।

Pyra Labs की सह-संस्थापक रहे इवान विलियम्स अब ट्विटर के सीईओ हैं। Pyra Labs का ही हिस्सा रहे जैसन गोल्डमैन अब ट्विटर में प्रोडक्ट डेव्लेपमेंट देखते हैं और जैसन शलेन आजकल Brizzly के निर्माता Thing Labs को चलाते हैं जो ट्विटर का नया ग्राहक है।

यूं ही (इंटरनेट पर) टहलते हुए इस अवसर पर दो अलग-अलग खबरें मिली कि जाने-माने चीनी मानवाधिकार ब्लॉगर ज्वान हुन नज़रबंद कर दिए गए है तथा दुनिया के सबसे वृद्ध जीवित ब्लॉगर भारतीय मूल के बूटी सिंह हैं जो 96 वर्ष के हैं। वे खुद लिखते हैं, पोस्ट करते हैं। जबकि इससे पहले यह सम्मान Ruth Hamilton तथा Olive Riley को प्राप्त था जो क्रमश: 109 तथा 108 वर्ष की उम्र में गुजर गए। यह 2008 की बात थी। ब्लॉग लिखने व पोस्ट करने के लिए Ruth Hamilton तथा Olive Riley अपने सहायकों पर निर्भर थे।

गूगल ने इस अवसर पर कुछ तोहफे देने की बात की है, अब क्या मिलेगा नहीं मालूम, लेकिन यह उन मांगों में से होंगे जिन्हें दुनिया भर से चाहा गया था। गूगल ने यह भी जाहिर किया है कि लगभग 2 लाख 70 हजार शब्द प्रति मिनट लिखे जा रहे हैं ब्लॉगस्पॉट पर और दुनिया भर के ब्लॉगरों का सर्वाधिक पसंदीदा मैदानी खेल है फुटबाल!

आप भी इसके 10 वर्ष होने की खुशी मना रहे हैं ना? तो बधाई दे दीजिए!

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Tuesday, August 18, 2009 / लेबल: , ,

अपना मनचाहा टेम्पलेट खुद बनाएँ , कुछ ही क्लिक्स में

ब्लॉग जगत में विचरण करते हुए अक्सर ही ऐसे ब्लॉग दिख जाते हैं जिनका रंग-रूप देख कर मन खुश हो जाता है। फिर तलाश की जाती है कि वह टेम्पलेट मिलेगा कहाँ? मिल जाए तो दिल बल्लियों उछलता है। उपयोग कर लिया जाए तो फिर महसूस होता है कि फलां कॉलम नीचे होता तो कितना अच्छा था, फलां चित्र के बदले वो वाला चित्र होता तो बढ़िया रहता!


आइए आज आपको बताया जाए कि अपना मनचाहा टेम्पलेट कैसे बनाया जाए। मनचाहा मतलब 2 कॉलम, 3 कॉलम, सबसे नीचे 3 कॉलम, दांए एक बड़ा सा कॉलम, नीचे 5 कॉलम, छोटे कॉलम, बड़े कॉलम… कैसे भी आपका मन करे बना सकते हैं। जो रंग चाहें, जो चित्र चाहें, जो आकार चाहें आपकी मर्जी। बस दिक्कत यह है कि यह HTML में अपनी आऊटपुट देता है, तो इसका उपयोग करने में कुछ सावधानियों रखनी पड़ती हैं। वैसे है बहुत आसान इसकी प्रक्रिया। इतना आसान कि आप उर्दू-फारसी में भी टेम्पलेट बना सकते हैं।

आप खुद ही देख लीजिए इसके बारे में यहाँ क्लिक कर के। अगर टेम्पलेट बनाना हो तो क्लिक करें यहाँ

कैसा लगा यह जुगाड़? बताइएगा ज़रूर।

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Sunday, August 16, 2009 / लेबल: , , ,

समस्या आ रही? कौन दोषी है? ब्लॉगस्पॉट, आपका कम्प्यूटर या आप?

आज रविवार है। बरसात की खुशनुमा झड़ी में कहीं बाहर निकलने का मन ही नहीं किया। टीवी देखता नहीं। सोचा बैठकर किसी समस्या पर कुछ लिखा जाए। ब्लॉगर साथियों की जिज्ञासा भरी ईमेल्स को खंगालना शुरू किया तो हैरान रह गया। इतनी समस्यायें!? वर्गीकरण शुरू किया तो फिर हड़बड़ाया। यार! अधिकतर दिक्कतों से तो बेचारे ब्लॉगस्पॉट का कोई लेना-देना नहीं! ये समस्यायें तो ब्लॉगस्पॉट से जुड़े उन लाखों कम्प्यूटरों की है जिन्हें ब्लॉगस्पॉट जानता तक नहीं, जो उसके नियंत्रण में नहीं। मैंने सोचा आज इसी पर अपने की-बोर्ड को टकटकाया जाए (कलम-घसीटी तो बंद ही हो गई है)


सच का सामना किया जाए तो बात यह है कि विश्व में लाखों ब्लॉगर्स कम्प्यूटर अभिकल्पना, तकनीक से अनभिज्ञ हैं। वे मात्र कम्प्यूटर ऑन भर करना जानते हैं। अधिकतर का यह भी मानना है कि उन्हें जिस समस्या से जूझना पड़ रहा है उसके लिए ये ब्लॉगस्पॉट ही जिम्मेदार हैं। बहुत कम ब्लॉगर इस बात को मानेंगे कि हम गूगल के मज़दूर हैं। गूगल अपने व्यवसाय के लिए ब्लॉगस्पॉट नामक मंच को उपलब्ध कराता है अपने फायदे के लिए। हम आप इस पर अपनी कथित मौलिकता लिखते हैं। गूगल वहाँ विज्ञापन दिखा कर पैसे बटोरता है! कमाई करता है और हम खुश होते हैं कि हमें मुफ्त में यहाँ सुविधा मिलती है! दरअसल गूगल हमें अपना ब्लॉगस्पॉट नामक मंच "उपयोग" करने देता है। खैर, इस पर बात फिर कभी।

बात असल मुद्दे की। अधिकतर ब्लॉगर यह समझ ही नहीं पाते कि ब्लॉगस्पॉट के कोड को सफलतापूर्वक उनके स्वामित्व वाले कम्प्यूटर पर चलाने के लिए कौन जिम्मेदार है। उनका यह मानना रहता है कि यह काम ब्लॉगस्पॉट का ही है और यहीं से समस्या शुरू हो जाती है। अब ब्लॉगस्पॉट, पूरे विश्व के उपयोगकर्तायों को अपने कम्प्यूटर (या कहें तो सर्वर) देता है, उपयोग करने के लिए। वह अपने सर्वर की जिम्मेदारी तो लेगा ही, नियंत्रण, समर्थन तो है ही उसी का। अब उससे जुड़ने वाले कम्प्यूटर की जिम्मेदारी कौन लेगा? ब्लॉगस्पॉट या हम आप ब्लॉगर्स? निश्चित तौर पर यह निर्धारण ब्लॉगस्पॉट नहीं कर सकता कि हम अपने कम्प्यूटर को कैसे रखते हैं, कैसे चलाते हैं। यह एक कटु सत्य भी एक सर्वेक्षण में उभर कर आया था कि कई ब्लॉगर तो अपने कम्प्यूटर से बस ब्लॉगिंग करते हैं और कुछ भी नहीं!

कम्प्यूटरों के बारे में मेरा यह मानना है कि कड़ी सुरक्षा नीतियों व मानकों के साये तले चल रहे कतिपय बड़े संगठनों के कम्प्यूटरों को छोड़ कर दुनिया के अन्य कम्प्यूटरों में कोई भी दो कम्प्यूटर एक जैसे नहीं हो सकते। यह ब्लॉगरों की जिम्मेदारी होनी चाहिए कि ब्लॉगस्पॉट द्वारा जारी कोड उनके अपने स्वामित्व वाले कम्प्यूटरों पर सफलतापूर्वक चल सके। यह ब्लॉगस्पॉट की जिम्मेदारी नहीं है कि वह आपके इकलौते कम्प्यूटर का ख्याल रखे और ना ही उस इंटरनेट प्रदाता पर उसका नियांत्रण है जो आपको ब्लॉगस्पॉट से जुडने हेतु सुविधा देता है।

जब ब्लॉगस्पॉट खुलता नहीं या कोई पोस्ट नहीं कर पाते तो सबसे पहले सुनाई पड़ता है -लो ये ब्लॉगस्पॉट फिर बंद हो गया/ पता नहीं ये साले कब सुधरेंगे/ बहुत हो गया अब, कोई दूसरा मंच देखना पड़ेगा, वो ज्यादा बेहतर होगा, अरे हाँ वो मुफ्त होना चाहिए।

हम कभी नहीं सोचते कि
  • ताजा ताजा कम्प्यूटर में ऐसा क्या बदलाव कर बैठे, क्या हो गया कि ब्लॉगस्पॉट तक पहुँचा ही नहीं जा रहा?
  • फलां सॉफ्टवेयर को इंस्टाल किया था जिससे ब्लॉगस्पॉट को तकलीफ हो रही।
  • क्या ब्लॉगस्पॉट ने हाल ही में कुछ बदलाव किए हैं?
  • क्या कम्प्यूटर के मूल ऑपेरेटिंग सिस्टम, विंडोज़ में कोई अपडेट हुए हैं?
  • क्या ब्राऊज़र अपडेट हुया है?
  • क्या ब्लॉगस्पॉट की कोई सेटिंग में खुद ही बदलाव कर बैठे हैं?
  • क्या एंटीवायरस अपडेट हुया है?
  • क्या फायरवाल में बदलाव हुया है?
  • क्या अर्से से आपने अपने कम्प्यूटर का रखरखाव नहीं किया है?
  • क्या अन्य सुरक्षा साधनों में कुछ हो सकता है?

यह मामला ऐसा नहीं कि पड़ोसी को जुकाम हुया था, फलां दवा ली ठीक हो गया, मेरा जुकाम भी उसी दवा से ठीक हो जायेगा! बाद में पता चलता है कि बात और बिगड़ गई।

यह तथ्य भी अपनी जगह अटल है कि तकनीक के साथ कदम मिला कर चलना हर किसी के बूते की बात नहीं होती। ऊपर से तुर्रा यह कि किसी समस्या के आने पर संबंधित वेबसाईट के FAQ और फोरम आदि की भाषा ऐसी होती है कि कुछ पल्ले नहीं पड़ता। इसके अलावा अपनी समस्या जाहिर करने में भी झिझकते हैं अधिकतर व्यक्ति। उन्हें बस एक ही इलाज दिखता है -फॉर्मेट!

फिलहाल तो इतना ख्याल रखिएगा कि हर माह के दूसरे मंगलवार को माइक्रोसॉफ्ट अपने पैच जारी करता है और अधिकतर अपडेट उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना ही हो जाते हैं। कई समस्यायें इसके बाद ही आनी शुरू होती हैं। आए दिन होने वाले अपडेट्स के कारण यही हाल ब्राऊज़रों व अन्य सुरक्षा साधनों का है। अपने कम्प्यूटर का ख्याल रखिए, जैसा अपनों का रखते हैं!

ऐसी ही अनौपचारिक बातें अगले रविवार!

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Thursday, August 13, 2009 / लेबल: , ,

Followers गायब हो गए, क्या करूँ?

तकनीक की दुनिया में इतना कुछ चलता रहता है कि किसी ना किसी को कोई ना कोई समस्या परेशान करते ही रहती है। अब हमारे पड़ोसी शहर के ब्लॉगर मित्र को ही लीजिए। कल उनकी मेल आई कि यार एकाएक मेरे सारे Follower गायब हो गए हैं, सिर्फ एक खाली डब्बा सा दिखता रहता है मुँह चिढ़ाता सा, ऊपर लिखा रहता है Followers! मेरे ब्लॉग पर आने वाले क्या सोचते होंगे कि इसका एक भी फॉलोअर नहीं? जबकि मैं जानता हूँ कि मेरे 47 फॉलोअर थे! अब एक भी नहीं दिखता।


मैंने उनका ब्लॉग खोला, मुस्कुराते हुए उन्हें फोन किया कि आपके सभी ब्लॉगर लौट आए हैं, मुँह कड़वा करवायो! बात करते करते उन्होंने भी अपना ब्लॉग देखा और चिल्लाते हुए से बोले 'क्यों जले पर नमक छिड़क रहे हो एक भी तो नहीं दिख रहा!' तब मैंने उन्हें ब्राऊज़र बदलने को कहा। थोड़ी देर बाद उनका फोन आया कि अब नए ब्राऊज़र में फॉलोअर आते हैं, बस एक झलक दिखला कर गायब हो जाते हैं।

एक ठंडी साँस भरते हुए मैंने उन्हें बताया कि गूगल बाबा ने अभी-अभी इस समस्या को स्वीकार किया है और आप जैसों से अधिक जानकारी पाने के लिए एक छोटा सा ऑनलाईन आवेदननुमा फॉर्म भी भर कर देने को कहा है जिससे उसे समस्या का कारण जानने में सहूलियत हो। आप भी उस फॉर्म में बता दो कि किस ब्लॉग़ में आपको यह समस्या मिल रही है -URL देना पड़ेगा, किस ब्राऊज़र में यह समस्या दिखती है, आपको इंटरनेट की सेवा कौन देता है -ISP का नाम लिखना होगा, अपने ब्लॉग में समस्या दिख रही या दूसरों के ब्लॉग में, आपका ऑपेरेटिंग सिस्टम क्या है -XP, Vista आदि। यह सब उस ऑनलाईन शिकायत फॉर्म में लिखकर Submit कर दो। गूगल बाबा के पास जानकारी पहुँच जाएगी। फिर भी धुकधुकी बनी रहे तो उसके स्वीकारनामे पर Report It बटन पर क्लिक कर आदेश दे दो कि जब भी इस मुद्दे पर कोई अपडेट हो तो आपको रिपोर्ट दे।

मित्र महाशय खुश हो कर फॉर्म भरने लग गए और मैं यह जानकारी बाँटने के लिए लिखने बैठ गया।

ठीक है ना?

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Tuesday, August 11, 2009 / लेबल: , , , , ,

क्या आप भी ब्लॉगस्पॉट की HTML/ Compose समस्या से हैरान हैं?

दो दिन पहले एक ब्लॉगर साथी ने फोन पर चल रही सामान्य सी बातचीत को खत्म करते करते कहा था कि नई पोस्ट लिखते हुए उसे HTML का ही विकल्प मिल रहा, Compose का नहीं तो मैंने उसे सरसरी तौर पर दिलासा दे कर बात खत्म कर दी थी। कल रात ही फिर उसी ने चैट पर वही बात दोहराई तो मज़ाक में ही कहा मैंने कि लगता है ब्लॉगस्पॉट भी नहीं चाहता कि दो महीने में एक पोस्ट लिखने वाला ब्लॉगिंग करे!


किन्तु आज सुबह जब एक गंभीर ब्लॉगर साथी ने यही मुद्दा उछाला तो मेरे कान खड़े हुए (डेज़ी जैसे !?) तुरंत उन्हें फोन लगाया गया, जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ तो बात समझ में आई।

इस समस्या में जब नई पोस्ट लिखने के लिए या पुरानी पोस्ट का संपादन करने के लिए New Post/ Edit Posts पर जाएँ तो मात्र Edit HTML ही दिखता है Compose पर क्लिक किए जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती या फिर Compose दिखता ही नहीं। इस कारण पोस्ट को संवारने जैसी कुछ सुविधायें नहीं मिलती, जैसे अलग-अलग रंग/ शब्दों को दांए, बाएं या बीच में रखना, आदि।


यह समस्या लगभग जुलाई के द्वितीय सप्ताह से है तथा गूगल ने इस समस्या को स्वीकार किया है और संभावना आपकी इंटरनेट सेवा देने वाले से जुड़ी हुई बताई जा रही है, जिस पर कार्य चल रहा है

इसके बावज़ूद कई मानवीय कारण भी हो सकते हैं, संभावित ब्लॉगर के कम्प्यूटर से जुड़े हुए। आईए उन्हें भी देखा जाए:

सबसे पहले दो मह्त्वपूर्ण बातें -
  1. यह सुनिश्चित कर लें कि आपने अपने ब्लॉगस्पॉट का प्रबंधन ठीक किया है या नहीं? एक बार पुन: सुनिश्चित कर लें कि Setting में Basic के तहत Global Settings में Show Compose Mode for all your blogs? के लिए आपने Yes है कि नहीं। इसे सदैव Yes ही होना चाहिए
  2. आपके ब्राऊज़र में JavaScript एनेबल है या नहीं। सहायता के लिए यह लिंक देखें

अब पहले तो Cache संबंधित बात।

यदि आप गूगल क्रोम में हैं तो
  • क्रोम में एकदम दाएँ ऊपर औज़ारनुमा चिन्ह पर क्लिक करें
  • Option पर क्लिक कर Under the Hood चुनें
  • Cookie Settings के नीचे की ओर Show Cookies पर क्लिक करें
  • Remove All पर क्लिक कर Close पर भी क्लिक करें
  • क्रोम बंद कर पुन: चलाएँ, परिणाम देखें

यदि आप फायरफॉक्स में हैं तो
  • Tools पर क्लिक कर Option चुनें
  • Privacy टैब पर Show Cookies पर क्लिक कर
  • Remove All Cookies पर क्लिक कर Close कर ले
  • बेहतर होगा, वहीं, नीचे Clear history when Firefox close का विकल्प चुन कर Settings में History के सभी विकल्प चुनें व OK करते हुए फायरफॉक्स बंद कर पुन: चलाए, परिणाम देखें

यदि आप इंटरनेट एक्सप्लोरर इस्तेमाल करते हैं तो
  • Tools क्लिक Internet Option में General चुनें
  • Browsing History में Delete क्लिक करें
  • Temperory Internet Files तथा Cookies को चुन कर Delete क्लिक करें (शेष विकल्प भी चुने जा सकते हैं)
  • OK करते हुए इंटरनेट एक्सप्लोरर बंद कर पुन: चलाएँ, परिणाम देखें

इसी प्रकार विभिन्न ब्राऊज़रों में मिलते-जुलते तरीके से Cache आदि साफ किया जा सकता है।

यदि आपने कोई टूलबार या प्लगइन लगा रखा हो तो उसे निष्क्रिय कर दें। यदि अब भी बात नहीं बन रही तो कम्प्यूटर बदल कर देखें-किसी साथी, मित्र का इस्तेमाल कर्। अपने इंटरनेट प्रदाता से अलग दूसरे ISP वाले नेटवर्क का प्रयोग कर देखें।

अब भी नहीं बनी बात? ध्यान दें कि नीचे लिखा जैसा कुछ तो नही आ रहा

This server is currently experiencing a problem. An engineer has been notified and will investigate.
Status code: 1-500-nn
Please visit the Blogger status page or the Blogger Knowledge Base for further assistance.

या फिर

HTTP Status 5nn - Servlet NewFrontend is currently unavailable
--------------------------------------------------------------------------------
type Status report
message Servlet NewFrontend is currently unavailable
description The requested service (Servlet NewFrontend is currently unavailable) is not currently available.
--------------------------------------------------------------------------------
Apache Tomcat/4.1.24

उपरोक्त जैसा लिखा हुआ आए या ना आए, आप तो बस ब्लॉगस्पॉट पर जाने का तरीका बदल दीजिए। अपनी ID व पासवर्ड के साथ https://www2.blogger.com/login.g पर लॉगिन कर परिणाम देखें। वैसे ब्लॉगस्पॉट के परंपरागत URL के स्थान पर यह URL ज़्यादा सुरक्षित व विभिन्न स्क्रिप्ट समर्थनकारी है।

यदि इन सबसे बात न बन रही हो तो फिर इंतज़ार कीजिए, गूगल बाबा लगे हुए हैं, गड़बड़ी उन्हीं की है। गूगल बाबा के हरी झंडी देने के बाद भी आप संतुष्ट न हों तो फिर मुझे ही एक नया ब्लॉग बनाना पड़ेगा कम्प्यूटर सुरक्षा के नाम से! kenyit

अरे एक बात तो भूल गया था। अपडेट कर रहा हूँ कि यदि आप अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य भाषा का उपयोग कर रहें हैं ब्लॉगस्पॉट के इंटरफेस में, तो उसे अंग्रेजी कर लें, समस्या का समाधान हो ही जाता है! इसके लिए लॉगिन करते ही ऊपर दाहिने ओर देखें।

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Monday, August 10, 2009 / लेबल: , , ,

अपनी फेसबुक प्रोफाईल का प्रचार ब्लॉग पर कैसे करें

सामाजिक वेबसाईट्स से जुड़े, हिंदी ब्लॉग जगत के कई साथियों ने अपनी फेसबुक प्रोफाईल का उल्लेख ब्लॉग पर किए जाने की युक्ति के बारे में जानना चाहा है। यह आसान सा तरीका, जिसे फेसबुक बैज कहा जाता है, कैसे काम करता है आईए देखें। इसके लिए

  1. फेसबुक में लॉगिन कर, प्रोफाईल पर क्लिक करें
  2. बांयीं ओर एकदम नीचे प्रोफाईल मोहर बनायें पर क्लिक करें
  3. चाहें तो Edit this Badge पर क्लिक कर आईट्म्स निकालें या जोड़ें, लेआऊट निर्धारित कर Save करें
  4. दिए गये HTML कोड को कॉपी करें, ब्लॉगर के विज़ेट में इच्छित स्थान पर लगायें
  5. या फिर ब्लॉगर आईकॉन पर क्लिक करें
  6. ब्लॉगर पर लॉगिन नहीं होंगे तो लॉगिन की आवश्यकता पड़ेगी
  7. जो पृष्ठ खुले उस पर ADD WIDGET पर क्लिक कर लें। आप यहाँ शीर्षक बदल सकते हैं या एक से अधिक ब्लॉग होने पर ड्रॉप डाऊन से मनचाहा ब्लॉग चुन सकते हैं।
  8. यदि ब्लॉग पर फेसबुक की मोहर का स्थान पसंद ना आया हो तो उसे इच्छित स्थान पर घसीट लें।
  9. ब्लॉगर पर ऊपर दांयीं ओर Save पर क्लिक कर लें
अब अपना ब्लॉग देखिए। फेसबुक प्रोफाईल वाला बैज अपनी जगह पर दिख रहा होगा, जिस पर क्लिक कर फेसबुक तक जाया जा सकता है। किसी तरह के बदलाव के लिए उपरोक्त 1 से 4 की प्रक्रिया अपनायें।

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Saturday, August 08, 2009 / लेबल: , ,

ब्लॉगस्पॉट पर अपने ब्लॉग का बैकअप कैसे लें

एक (राजनैतिक) ब्लॉगर को खामोश करने के लिए किए गए जबरद्स्त सायबर हमले वाली पोस्ट के बाद कई साथियों की जिज्ञासा है कि अपने ब्लॉग का बैकअप कैसे लिया जाए ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में वर्षों की मेहनत पर पानी न फिर जाये। यह कदम तब भी सुरक्षित है जब किसी कारणवश गूगल ही आपके ब्लॉग को बंद कर दे, प्रतिबंधित कर दे। तब आप इस सहेजे गए ब्लॉग को टिप्पणियों समेत अपने किसी ओर ब्लॉग या वेबसाईट पर प्रदर्शित कर सकेंगे।



यह एक बेहद आसान सी आधिकारिक प्रक्रिया है जिसके लिए
  1. अपने ब्लॉगर खाते में लॉगिन करें
  2. Setting के अंतर्गत Basic में Basic Tools के सामने ही लिखा मिलेगा Export Blog, उस पर सावधानीपूर्वक क्लिक करें (पास ही में Delete Blog लिखा है, उस पर मत चले जाए माऊस, वरना मुझे दोष देंगे आप)
  3. अगले खुले पृष्ट पर DOWNLOD BLOG पर क्लिक करें
  4. जो फाईल .XML स्वरूप में सहेजी जा रही है, Save हो रही है, उसके स्थान/ फोल्डर का ध्यान रखें

बस हो गया आपके ब्लॉग का बैक अप!

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Friday, August 07, 2009 / लेबल: , , ,

आपके ब्लॉग के लिए, स्वतंत्रता दिवस पर एक अनूठा, राष्ट्रीय ध्वज विज़ेट

आप सभी ने जिस तरह ब्लॉग बुखार को हाथों हाथ ले कर सराहा है, उससे मैं अभिभूत हूँ। आप की अपेक्षायों पर खरा उतर पाऊँ, यह प्रयास रहेगा मेरा।


भारत के स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ चंद दिन ही दूर रह गई है। स्वतंत्रता दिवस की एक और वर्षगांठ की कल्पना कर मन प्रफुल्लित हो रहा है। याद करने का समय आया है राष्ट्रभक्त आजादी के दीवानों की कुर्बानियां, उनके द्वारा संजोये गए देश के स्वरुप की वो कल्पना, जिसके मूर्त रूप लेने में अभी भी वक्त लगेगा।

सांसद नवीन जिंदल के प्रयासों व सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के फलस्वरूप भारत के नागरिक को यह अधिकार मिल गया है कि वह सम्मानपूर्वक, अपने देश के गौरव, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को अपने चाहे गए स्थान पर फहरा सके, प्रदर्शित कर सके।









इस मौके पर हिंदी ब्लॉगिंग की दुनिया में आज आपको एक अनूठे विजेट से परिचित करवा रहा हूँ। तिरंगे झंडे को फहराता हुआ दिखाने वाले इस विजेट को अपने ब्लॉग/ वेबसाईट पर लगाये जाने पर, जैसे ही आपका ब्लॉग खुलेगा आगंतुक को प्रख्यात गायिका लता मंगेशकार के गाये गीत "ऐ मेरे वतन के लोगों … जरा आँख में भर लो पानी…" की चार पंक्तियाँ सुनाई पड़ेंगी, जो कुल 25 सेकेंड की हैं। पंक्तियाँ समाप्त होने के बाद भी ध्वज फहराता रहेगा। पुन: वह पंक्तियाँ तभी सुनाई पड़ेंगी, जब उस पृष्ठ को रिफ्रेश किया जायेगा या किसी दूसरे पृष्ठ पर जाना होगा।

प्रयोग के तौर पर इस विजेट से 15 अगस्त के बाद गीत की पंक्तियाँ नहीं सुनाई पड़ेंगी, किन्तु ध्वज अपनी शान से फहराता ही रहेगा। गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी के कुछ दिन पहले इस विजेट से, कुछ सेकेंड के लिए "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा … झण्डा ऊँचा रहे हमारा …" की स्वर लहरियाँ गूजेंगी, जिन्हें 26 जनवरी के बाद नहीं सुना जा सकेगा।

इस प्रायोगिक प्रक्रिया के दौरान आपको कुछ भी नहीं करना है। यदि यह विजेट आप अपने ब्लॉग पर लगाये रखते हैं तो यह स्वर लहरियाँ, उद्घोष का बजना, बंद होना अपने आप ही कार्य करेगा।

तो देर किस बात की! अपनी देशभक्ति के ज़ज़्बे को अपने दिल के साथ अपने ब्लॉग पर भी जगह दें। नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें, अगले खुले पृष्ठ पर ADD WIDGET क्लिक कर विजेट को अपने ब्लॉग में शामिल कर, सम्मानजनक स्थान पर दर्शाएँ



यदि किसी वेबसाईट पर यह विजेट लगाना हो तो नीचे दिये गये HTML की नकल ले कर, एक सम्मानजनक स्थान पर प्रदर्शित करें



कैसा लगा यह विजेट, बताईयेगा। कोई सुझाव हों तो भी बेहिचक स्वागत है आपके विचारों का।

अपडेट @ 14 अगस्त, 2009: गूगल के मुफ्त प्लेटफार्म का उपयोग किए जाने की वज़ह से कभी कभी Exceeded Bandwidth Limit जैसे संदेश के साथ/ या उसके बगैर, ध्वज का दिखना अस्थाई तौर पर रूक सकता है जो स्वत: सामान्य हो जाएगा।

अपने सुझाव/ जिज्ञासा/ उलझन/ टिप्पणी हमें बताएँ। यहाँ क्लिक करें (14) / Read More

Monday, August 03, 2009 / लेबल: , , , ,

ब्लॉग के प्रति आपकी दीवानगी बताने वाला गैजेट

निश्चित तौर पर हर नशा एक अलग आनंद देता है, लेकिन यह दुखदायी भी होता है जब इसकी लत लग जाए। पूरे विश्व में ब्लॉग्गिंग को लेकर भी चिंता की जाने लगी है। वो कहते हैं ना कि उपचार से परहेज भला! तो आइए आज आप भी देख लें कि आप इस मर्ज से कितना ग्रस्त हैं। अब चाहें तो ख़ुद ही जाँच कर परहेज करें या फिर पूरी दुनिया को बताएं कि आप आख़िर कितने पानी में हैं।

अब आपको बस एक जगह जाकर क्लिक भर करते जाना है, सबसे ऊपर की ओर दिए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए। अंत में परिणाम आने के पहले यदि कहा जाए कि हमारी फलां-फलां पुड़िया भी लेते जाईए तो मर्ज़ी आपकी अन्यथा No thanks, take me to my quiz results कह कर आगे बढ़िए। नतीजा आपके सामने होगा और साथ ही HTML की एक 'पुडिया' भी दी जाएगी जिसे आप चाहें तो अपने ब्लॉग पर लगा कर अपनी स्थिति दिखा सकते हैं।

तो आइए देर किस बात की। यहाँ क्लिक करें और अपने आप को आईने में देखें।

अपने सुझाव/ जिज्ञासा/ उलझन/ टिप्पणी हमें बताएँ। यहाँ क्लिक करें (3) / Read More

Friday, July 31, 2009 / लेबल: , , ,

फीडबर्नर व ब्लॉग फीड के बारे में जानें

ब्लॉग फीड दरअसल किसी ब्लाग पर लिखी गयी पोस्ट या टिप्पणियों की एक सूची होती है। यदि आपको कोई ब्लाग पसंद है तो आप उसकी फीड को गूगल रीडर या किसी अन्य रीडर से पढ़ सकते हैं। जब भी कोई नयी पोस्ट आयेगी तो वह आपकी फीड में अपने आप जुड़ जायेगी, जिसे आप अपना मनपसंद फीड रीडर खोलकर कभी भी पढ़ सकते हैं। इसके लिए आपको बार-बार उस ब्लॉग या ब्लॉग एग्रीगेटर तक नहीं जाना पड़ेगा।

वेबसाइट या ब्लॉग पर जाकर किसी प्रकार का पठन या सूचना प्राप्त करना आजकल पुराना तरीका माना जाने लगा है। RSS/ ATOM फीड एक नयी तकनीक है। यह ज्यादा आसान है, और ज्यादा लोकप्रिय है। RSS/ Atom फीड आपकी चाही गई वेबसाईट/ ब्लॉग की नयी सूचना आप तक पूरा लेख भी पहुंचा देती है।


अब प्रश्न यह उठता है कि कैसे पता चले उस वेबसाईट/ ब्लॉग में यह सुविधा है या नहीं। सबसे आसान तरीका है कि यदि नीचे दिये गये किसी भी तरह के चिन्ह, या इससे मिलते-जुलते चिन्ह, वहाँ मौज़ूद हो तो आप समझ लीजिये कि वहाँ से RSS/ Atom फीड प्राप्त किया जा सकता है।


RSS के बारे में कुछ विवाद है किन्तु माना जाता है कि यह Really Simple Syndication है।

ब्लॉग लेखन हेतु ब्लॉगस्पॉट, गूगल की एक सेवा है व RSS की सेवा प्रदान करने वाले फीडबर्नर को गूगल ने खरीद लिया है। इन दोनों का सामंजस्य स्वभाविक रूप से बेहतर है। अपने ब्लॉग को प्रचारित-प्रसारित करने का यह एक अतिरिक्त उपाय है। आने वाली पोस्टों में फीडबर्नर के उपयोग की विस्तृत जानकारी देने का प्रयास यहाँ किया जायेगा।

वैसे इस विषय पर हिंदी में, कई वेबसाईटों सहित, ब्लॉग जगत पर कई साथियों ने भी बहुत विस्तृत जानकारियाँ पूर्व में दी हैं। आप चाहें तो देख सकते हैं।

टिप्पणियाँ (1) / Read More

Wednesday, July 29, 2009 / लेबल: , , ,

अपने ब्लॉग को फेसबुक पर कैसे जोड़ें

इंटरनेट पर सामाजिक ताने-बाने वाली बहुत सी वेबसाईट्स आ गयी हैं। हिंदी ब्लॉग जगत में भी इनका जादू सिर चढ़ कर बोल रहा है। इनमें से एक साईट है फेसबुक। इस पर अपने ब्लॉग को दिखाने की युक्तियों में फेसबुक पर ही एक अनुप्रयोग उपलब्ध है Simplaris Blogcast, जो आपके ब्लॉग को अपनी फेसबुक प्रोफाईल से जोड़ने की सुविधा देता है। बेहद आसान है इसकी सेटिंग। इसके लिए

  1. फेसबुक में लॉगिन कर यहाँ क्लिक करें
  2. पहुँच की अनुमति दें।
  3. Blog Feed URL के सामने अपने ब्लॉग की फीड का लिंक डालें।
  4. अपडेट के लिए पहला रेडियो बटन चुने (जिसे आप बाद में बदल सकते हैं)
  5. Lets Blogcast पर क्लिक करें। जो पृष्ठ खुले, उसकी दांयीं ओर अपने ब्लॉग की ताजी 5 पोस्ट में से फेसबुक में तुरंत फुरत दिखाई जाने वाली कोई तीन पोस्टों को blogcast this पर क्लिक कर शामिल करें।
इस पृष्ठ की बायीं ओर Setting पर क्लिक कर आप अपने ब्लॉग की फीड, फेसबुक पर दिखने वाली ब्लॉग पोस्ट की लम्बाई (मात्र शीर्षक, एक पंक्ति, एक पैराग्राफ, पूरी पोस्ट), फेसबुक पर दिखने वाली पोस्ट्स की संख्या (1, 2, 3, 4, 5, 10) आदि को संयोजित कर सकते हैं।

इसी पृष्ट पर Save बटन पर क्लिक कर अपना फेसबुक प्रोफाईल देखें। आपका ब्लॉग, आपके फेसबुक मित्रों के सामने होगा!

प्रोफाईल में ही वॉल, जानकारी के आगे दिए गये + चिन्ह पर क्लिक कर Blogcast को जोड़ें। Settings बदलने के लिए यहाँ क्लिक करें। बांते कॉलम में Setting पर क्लिक करें, मनचाहा बदलाव कर Save करें।

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Monday, July 27, 2009 / लेबल: , ,

थम्बनेल सहित ताजी पोस्ट्स वाला विजेट

कभी-कभार आने वाले ब्लॉग के आगंतुकों को यदि एक संक्षिप्त सी जानकारी मिल जाए कि पिछली पोस्ट्स कौन-कौन सी थीं तो उसकी रूचि बने रहने की संभावना बढ़ जाती है।यूँ तो ताजी पोस्ट/ हालिया पोस्ट/ Recent Posts प्रदर्शित करने के लिए ब्लॉगस्पॉट का एक मूल विजेट है। इसके अलावा भी ढ़ेरों विधियाँ प्रचलन में हैं। जिनमें ब्लॉग पोस्ट का शीर्षक या/ और दो पंक्तियाँ, या फिर लेखक का नाम, लेखन की तिथि आदि प्रदर्शित की जा सकती है।


यहाँ जिस विजेट की चर्चा हो रही है, उसकी खूबी यह है कि पोस्ट के शीर्षक सहित, उसमें प्रयुक्त चित्र के थम्बनेल तथा टिप्पणियों की संख्या भी प्रदर्शित होती है।

आइए देखें इस प्यारे से विजेट को कैसे लगाया जाये। इसके लिए

  1. ब्लॉगर पर लॉगिन करें
  2. Layout से Add a Gadget करें
  3. HTML/ Javascript चुनें
  4. नीचे दिये गए कोड की नकल कर, निचले बड़े आयत में डाल दें।
  5. ऊपरी छोटे आयत में अपना मनपसंद शीर्षक डाल दें



<script language="JavaScript">

imgr = new Array();


imgr[0] = "http://i43.tinypic.com/orpg0m.jpg";

imgr[1] = "http://i43.tinypic.com/orpg0m.jpg";

imgr[2] = "http://i43.tinypic.com/orpg0m.jpg";

imgr[3] = "http://i43.tinypic.com/orpg0m.jpg";

imgr[4] = "http://i43.tinypic.com/orpg0m.jpg";
showRandomImg = true;

boxwidth = 298;

cellspacing = 8;

borderColor = "#ffffff";

bgTD = "#000000";

thumbwidth = 40;

thumbheight = 40;

fntsize = 12;

acolor = "#666";

aBold = true;

icon = " ";

text = "comments";

showPostDate = false;

summaryPost = 40;

summaryFontsize = 10;

summaryColor = "#666";

icon2 = " ";

numposts = 5;

home_page = "http://blogbukhar.blogspot.com/";

</script>

<script src="http://4765323379258464651-a-1802744773732722657-s-sites.googlegroups.com/site/bspabla/pha-ilsa/recentposts_thumbnail.txt?attredirects=0&auth=ANoY7coSw3UxuV0_KmTuliM73dwHatkTpBy7jXMXDRDFImeWei1-2NOAuhMY_v6K020ULMVK0h3zfYWHdGxY9bOrzdNQZ0bZTcRVpR_
qLFSZnz404mBRRPtg82mZ8cwCIqqgzTsDMO3DW25Wb4Sa_GAkh0SRo2gvuYJ6v1_
rx2h_WuDDTcyFk3XpOZ0cniAIrEwDyHmdxMlZH8VnTy5VzN5oL6eLCwyVww%3D%3D"></script>

आपके ब्लॉग की रूपरेखा के अनुरूप, कुछ बदलाव की आवश्यकता हो तो निम्न परिवर्तन किए जा सकते हैं

  • boxwidth - विजेट की चौड़ाई
  • cellspacing - दो शीर्षकों के बीच अंतर
  • borderColor - चारों ओर की सीमा/ Border का रंग (आपके ब्लॉग की पृष्ठभूमि वाला रंग बेहतर रहेगा)
  • thumbwidth & thumbheight - थम्बनेल की चौड़ाई व ऊँचाई (जितनी है, उतनी उचित है)
  • fntsize - शीर्षक के अक्षरों का आकार
  • acolor - शीर्षक का रंग
  • aBold - गाढ़ा शीर्षक चाहिए या नहीं? (true या false)
  • numposts - आप कितनी पोस्ट प्रदर्शित करना चाहते हैं?
  • home_page : http://blogbukhar.blogspot.com/ (इसे अपने ब्लॉग के URL से बदल दें)

इन बदलावों के बाद Gadget को सहेज लें, Save कर लें। फिर उसे माऊस से घसीट कर इच्छित स्थान पर ले जायें। Layout को सहेजें। अपना ब्लॉग देखें।

ध्यान रहे: आपने अपने ब्लॉग की Settings में Site Feed को Full व Allow Blog Feeds में YES चुना हुया है।

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Sunday, July 26, 2009 / लेबल: , , , ,

आख़िर कोई तो सीमा होगी ब्लॉगस्पॉट की?

ब्लॉग लेखन के लिए गूगल द्वारा प्रदत्त मुफ्त मंच, ब्लॉगस्पॉट सुविधाजनक तो है, किंतु इसकी भी सीमाएं हैं। पिछले दिनों एक ब्लॉगर मित्र ने उत्सुकता जाहिर की थी इस मसले पर्। उन्हीं की जिज्ञासा का शमन करने की कोशिश में कुछ बातें पता चली। आप भी जानें।

ब्लॉग की संख्या: एक गूगल खाते में कितने भी ब्लॉग बनाए जा सकते हैं। कोई सीमा नहीं है।

ब्लॉग के पते की बात: http:// तथा .blogspot.com के बीच डाले जाने वाले वर्णों, Characters की संख्या अधिकतम 37 है

ब्लॉग शीर्षक: इसमें वर्णों की संख्या 90 तक हो सकती है।

पोस्ट्स की संख्या : एक ब्लॉग पर पोस्ट्स की संख्या कितनी भी हो सकती है। कोई सीमा नहीं है। जब तक उन्हें मानवीय तरीके से हटाया नहीं जाएगा, वे सभी आपके खाते में सुरक्षित रहेंगी, भले ही वह प्रकाशित हों या ड्राफ्ट में सहेजी हुई हों।

पोस्ट का आकार: यूँ तो पोस्ट के आकार पर कोई विशेष सीमा नहीं है किंतु बहुत बड़ी पोस्ट, मुख्य पृष्ठ की सीमा के खिलाफ हो सकती है। (अगला बिन्दु देखें)

मुख्य पृष्ठ का आकार: 1 MB के लिए सीमित हैं। हालांकि यह शब्दाकार में कुछ सौ पृष्ठों के लिए अनुमति देता है, लेकिन अगर आप अपने ब्लॉग के मुख्य पृष्ठ पर सैकड़ों पोस्ट की सूची रख रहे हैं तो समस्या हो सकती है। यदि यह समस्या आती है तो एक संदेश प्रदर्शित होगा "006 Please contact Blogger Support." इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अपने मुख्य पृष्ठ पर पोस्ट्स की संख्या को कम करें।


लेबल की संख्या: एक ब्लॉग पर अधिकतम 2000 लेबल हो सकते हैं।

टिप्पणियाँ की संख्या: एक पोस्ट पर किसी भी संख्या में टिप्पणियाँ हो सकती है।

चित्रों की संख्या: Picasa वेब के साथ कुल साझा भंडारण 1 जीबी।

चित्र का आकार: अगर आप ब्लॉगर मोबाइल के माध्यम से तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं तो 250K की सीमा है।

ब्लॉग लेखकों की संख्या: प्रति ब्लॉग 100 सदस्यों की एक सीमा होती है.

ब्लॉग विवरण: 500 वर्णों, Characters की सीमा निर्धारित है।

"मेरे बारे में" प्रोफाइल सूचना: अधिकतम 1200 वर्ण, Characters की.

प्रोफाइल रूचियाँ और पसंदीदा: अधिकतम 2000 वर्ण, प्रत्येक क्षेत्र में।


आपको भी यदि कुछ ज्ञात हो तो बताईयेगा

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Saturday, July 25, 2009 / लेबल: , , , ,

अपनी मर्जी से चुन कर, घूम घूम कर, ब्लॉग पोस्ट सारांश दिखाने वाला गैजेट

जिन ब्लॉगरों के ब्लॉग में ढ़ेरों पोस्ट्स हो चुकी हैं, उनके लिए एक बड़ी समस्या यह रहती है कि अपनी सभी पोस्ट आगुंतक के सामने कैसे रखें? कुछ ब्लॉगर्स इसका तोड़ ऐसा निकालते हैं कि सेटिंग में बदलाव कर अपनी सभी पोस्ट्स ब्लॉग खुलते ही सामने दिखा दी जाये। इस चक्कर में ब्लॉग खुलने में अप्रत्याशित देर होती है और ब्लॉग खुलता न देख आने वाला उपयोगकर्ता भाग खड़ा होता है।

पुरानी पोस्ट्स को दिखाने वाला 'ब्लॉग आर्काईव्ज़' जो ब्लॉगस्पॉट में पहले से ही विद्यमान रहता है, उसमें मात्र, चल रहे महीने की पोस्ट दिखती हैं। पिछले महीनों की पोस्ट के लिए उन काले तीरों को क्लिक कर देखा जा सकता है। जगह बचाने के लिए यह ठीक है किन्तु नये आगंतुक के लिए उन पुरानी पोस्ट्स का खजाना निगाहों में आने से अक्सर चूक जाता है। एक और तरीका है कि ब्लॉग आर्काईव्ज़ से तारीखों का उल्लेख निकाल कर सारी पोस्ट्स दिखा दी जायें, किन्तु इससे साइड बार बहुत लम्बी हो जाती है।

अब यदि आपके ब्लॉग में 50 से अधिक पोस्ट हो चुकी हैं और आप उन सबको सारांश सहित एक एक कर दिखाना चाहते हैं तो यह विज़ेट आपके लिए मुफीद है। इसकी कुछ विशेषतायें इस प्रकार हैं:
  • एक समय में एक पोस्ट का शीर्षक दिखाता है
  • पोस्ट की लिंक पेश करता है
  • पोस्ट का सारांश दिखाता है
  • हर 5 सेकेंड में नयी पोस्ट दिखाता है
  • एक एक कर ब्लॉग की सारी पोस्ट दिखाता है
  • अंत में एक नया चक्र शुरू कर देता है
  • एक बार लोड हो जाने पर क्रम चलता ही रहता है, भले ही इंटरनेट कनेक्शन कट जाये/ बंद हो जाये
  • गूगल की आधिकारिक अजाक्स तकनीक का प्रयोग करता है
  • पोस्ट के शीर्षक पर माऊस ले जाने पर वह शीर्षक वहीं स्थिर हो जाता है, माऊस हटा लेने पर क्रम फिर शुरू हो जाता है
इस विधि को अपनाने के लिये
  1. अपने ब्लॉगर खाते में लॉगिन करें
  2. Dashboard पर Layout पर क्लिक करें
  3. Layout टैब के नीचे की टैब्स से Page Elements में क्लिक करें
  4. साईडबार के Add Gadget लिंक पर क्लिक करें
  5. जो नया आयत खुले उसमें HTML/Javascript चुनें
  6. अब की बार खुले आयत में निचले, बड़े से खाली स्थान में, नीचे दिया गया कोड आवश्यक सुधार के बाद डाल दें


<style type="text/css">
.gfg-root {
width : 100%;
height : auto;
position : relative;
overflow : hidden;
text-align : center;
font-family: "Arial", sans-serif;
font-size: 20px;
border: 1px solid #BCCDF0;
}

.gfg-title {
font-size: 24px;
font-weight : bold;
color : #3366cc;
background-color: #E5ECF9;
line-height : 1.4em;
overflow : hidden;
white-space : nowrap;
}

.gfg-title a {
color : #3366cc;
}

.gfg-subtitle {
font-size: 20px;
font-weight : bold;
color : #3366cc;
background-color: #E5ECF9;
line-height : 1.4em;
overflow : hidden;
white-space : nowrap;
margin-bottom : 0px;
}

.gfg-subtitle a {
color : #3366cc;
display:none !important;
}

.gfg-entry {
background-color : white;
width : 100%;
height : 6.9em;
position : relative;
overflow : hidden;
text-align : left;
margin-top : 3px;
}

/* To allow correct behavior for overlay */
.gfg-root .gfg-entry .gf-result {
position : relative;
background-color : white;
width : auto;
height : 100%;
padding-left : 20px;
padding-right : 5px;
}

.gfg-list {
position : relative;
overflow : hidden;
text-align : left;
margin-bottom : 5px;
display:none !important;
}

.gfg-listentry {
line-height : 1.5em;
overflow : hidden;
white-space : nowrap;
text-overflow : ellipsis;
-o-text-overflow : ellipsis;
padding-left : 15px;
padding-right : 5px;
margin-left : 5px;
margin-right : 5px;
}

.gfg-listentry-odd {
background-color : #F6F6F6;
}

.gfg-listentry-even {
}

.gfg-listentry-highlight {
background-image : url('garrow.gif');
background-repeat: no-repeat;
background-position : center left;
}

/*
* FeedControl customizations.
*/

.gfg-root .gfg-entry .gf-result .gf-title {
font-size: 24px;
line-height : 1.2em;
overflow : hidden;
white-space : nowrap;
text-overflow : ellipsis;
-o-text-overflow : ellipsis;
margin-bottom : 2px;
}

.gfg-root .gfg-entry .gf-result .gf-snippet {
height : 3.8em;
color: #000000;
margin-top : 3px;
}

/*
* Easy way to get horizontal mode, applicable via js options to gadget.
*/

.gfg-horizontal-container {
position : relative;
}

.gfg-horizontal-root {
height : 1.5em;
_height : 100%;
position : relative;
white-space : nowrap;
overflow : hidden;
text-align : center;
font-family: "Arial", sans-serif;
font-size: 13px;
border: 1px solid #AAAAAA;
padding : 5px;
margin-right : 80px;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-title {
font-weight : bold;
background-color: #FFFFFF;
line-height : 1.5em;
overflow : hidden;
white-space : nowrap;
float : left;
padding-left : 10px;
padding-right : 12px;
border-right: 1px solid #AAAAAA;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-title a {
color : #444444;
text-decoration : none;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-entry {
width : auto;
height : 1.5em;
position : relative;
overflow : hidden;
text-align : left;
margin-top : 0px;
margin-left : 0px;
padding-left : 10px;
}

/* To allow correct behavior for overlay */
.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result {
position : relative;
background-color : white;
width : 100%;
height : 100%;
line-height : 1.5em;
overflow : hidden;
white-space : nowrap;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-list {
display : none;
}

/*
* FeedControl customizations.
*/

.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result .gf-snippet,
.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result .gf-author {
display : none;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result .gf-title {
color: #0000cc;
margin-right : 3px;
float : left;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result .gf-spacer {
float : left;
}

.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result .gf-spacer,
.gfg-horizontal-root .gfg-entry .gf-result .gf-relativePublishedDate {
display : block;
color: #AAAAAA;
}

.gfg-branding {
white-space : nowrap;
overflow : hidden;
text-align : left;
position : absolute;
right : 0px;
top : 0px;
width : 80px;
}

.gfg-collapse-open, .gfg-collapse-closed {
background-repeat : no-repeat;
background-position : center;
cursor : pointer;
float : right;
width : 17px;
height : 20px;
}

.gfg-collapse-open {
background-image : url('arrow_open.gif');
}

.gfg-collapse-closed {
background-image : url('arrow_close.gif');
}

.gfg-collapse-href {
float : left;
}

.clearFloat {
clear : both;
}
body {
background-color: white;
color: black;
font-family: Arial;
font-size: small;
margin: 0;
}
#feedGadget {
margin-top : 5px;
margin-left: auto;
margin-right: auto;
width : 440px;
font-size: 16px;
color: #9CADD0;
}
</style>
<script src="http://www.google.com/jsapi/?key=PUT_AJAX_KEY_HERE"
type="text/javascript"></script>
<script src="http://www.google.com/uds/solutions/dynamicfeed/gfdynamicfeedcontrol.js" type="text/javascript"></script>

<script type="text/javascript">

function showGadget() {
var feeds = [
{title:'title',
url:'http://MYBLOG.blogspot.com/atom.xml?redirect=false&start-index=1&max-results=999'},

];

new GFdynamicFeedControl(feeds, 'feedGadget',
{numResults : 1000, stacked : true,
title: "BLOG_TITLE ~ Random Posts."});
}
google.load("feeds", "1");
google.setOnLoadCallback(showGadget);
</script>
<div id="feedGadget">लोड हो रहा है...</div>
<div id="feedGadget">गैजेट प्रदाता <a href="http://www.blogbukhar.blogspot.com" target="_blank">ब्लॉग बुखार</a>.</div>
इसके बारे में अधिक जानिए: http://blogbukhar.blogspot.com/2009/07/blog-post_14.html


अब इस ऊपर दिये गये कोड में मामूली से 3 बदलाव करने पड़ेंगे
  1. यहाँ क्लिक कर अपनी AJAX API key प्राप्त करें। प्राप्त कोड को PUT_AJAX_KEY_HERE के बदले डाल दें।
  2. MYBLOG को अपने ब्लॉग URL के पहले शब्द से बदल दें। जैसे http://MYBLOG.blogspot.com/ के बदले लिखा जायेगा http://blogbukhar.blogspot.com/
  3. BLOG_TITLE के बदले अपने ब्लॉग का वास्तविक शीर्षक लिखें। जैसे BLOG_TITLE ~ Random Posts हो जायेगा ब्लॉग बुखार ~ Random Posts
इन दोनों बदलावों के बाद Gadget को सहेज लें, Save कर लें। फिर उसे माऊस से घसीट कर अपनी मुख्य पोस्ट वाले स्थान के ऊपर ले जायें। इस गैजेट की चौड़ाई ऐसी है कि यह वहीं उचित रहेगा। वैसे आप आवश्यक बदलाव कर कहीं और भी लगा सकते हैं। Layout को सहेजें। अपना ब्लॉग देखें।

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Thursday, July 23, 2009 / लेबल: , , , , ,

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड से सीधे ब्लॉग पोस्ट कैसे करें

ब्लॉगिंग जैसी चर्चित विधा की ओर आकर्षित होने वाले अधिकतर व्यक्ति निश्चित तौर पर माइक्रोसॉफ्ट के वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर 'वर्ड' से परिचित होंगे। लेकिन बहुत सीमित व्यक्तियों को यह ज्ञात होगा कि वर्ड से भी सीधे अपना ब्लॉग लिख कर प्रकाशित किया जा सकता है। वर्ड 2007 में तो यह सुविधा समाहित है किन्तु इससे पुराने संस्करणों के लिए ब्लॉगस्पॉट ने एक छोटा सा, टूलबारनुमा, उपाय दिया हुया है। आईए देखें कि इसे कैसे उपयोग में लाया जाए।

इसका उपयोग करने के लिए
  1. यहाँ क्लिक कर खुले पृष्ठ पर AGREE AND DOWNLOAD पर क्लिक कर यह युक्ति डाउनलोड कर लें
  2. इंस्टाल करे
  3. माइकोसॉफ्ट वर्ड खुलने पर संबंधित टूलबार देखें, Blogger Setting पर क्लिक कर अपने आई-डी व पासवर्ड को डाल कर OK पर क्लिक कर लें
  4. चाहें तो वहीं नीचे दिए गये विकल्प चुन लें
  5. अब चाहें तो सहेजी गई पोस्ट का संपादन करें या
  6. नई पोस्ट लिखें व Publish बटन पर क्लिक कर पोस्ट, ऑनलाईन करें


यह युक्ति उन ब्लॉग लेखकों के लिए ठीक है जो माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के जरिए अपना ब्लॉग लिखना चाहते हैं। किन्तु इस संस्करण में मात्र शब्दयुक्त ब्लॉगपोस्ट प्रकशित हो सकती है तथा इसे माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज़ XP/ 2000 पर ही उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा किंचित दिक्कतें भी यदा-कदा प्रकाश में आती रहीं हैं।

वर्ड 2007 का समाहित संस्करण कहीं अधिक उन्नत है जिसकी चर्चा अगली किसी पोस्ट में।

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Wednesday, July 22, 2009 / लेबल: ,

हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर चिट्ठाजगत से, अपना ब्लॉग कैसे जोड़ें

जैसा कि पहले लिखा जा चुका है कि ब्लॉगों को एक स्थान पर इकट्ठा कर प्रदर्शित करने के लिए इंटरनेट की दुनिया में एक तकनीक प्रचलित है, जिसे एग्रीगेटर कहा जाता है। हिंदी भाषा के लिए आजकल ब्लॉगवाणी व चिट्ठाजगत प्रचलन में हैं। ब्लॉगवाणी में अपना ब्लॉग शामिल करवाने की प्रक्रिया आप पढ़ चुके हैं। अब देखिए कि चिट्ठाजगत में अपना ब्लॉग कैसे जोड़ा जाये।


ब्लॉगवाणी की बनिस्बत चिट्ठाजगत की प्रक्रिया आसान व पारदर्शी है। इसके अलावा कुछ और सुविधाएँ भी मिलती हैं। फिलहाल तो इस पर पंजीकरण की बात की जाए। इसके लिए
  1. यहाँ क्लिक करें
  2. पंजीकरण के ऊपर बने आयत में अपना सक्रिय ई-मेल पता डाल कर पंजीकरण बटन पर क्लिक करें
  3. अपने ई-मेल में प्राप्त लिंक को क्लिक करें। आपका पंजीकरण पूरा हो जायेगा और तुरंत ही आपको पासवर्ड ई-मेल कर दिया जायेगा, बाद में आप अपना पासवर्ड बदल भी सकते हैं।
  4. चिट्ठाजगत के मुख्यपृष्ठ पर, ऊपर दांयीं ओर दिए गये स्थान पर अपना ई-मेल पता व प्राप्त पासवर्ड डाल कर सत्रारंभ पर क्लिक करें
  5. सफलतापूर्वक लॉगिन हो जाने पर आपका ई-मेल पता वहीं प्रदर्शित होने लगेगा
  6. चिट्ठाजगत के मुख्य मीनू में मेरा खाता के अंतर्गत खाता प्रबंधन पर क्लिक करें
  7. 'मेरे बारे में' लिंक चुनें, चिट्ठाजगत द्वारा दिये गये पासवर्ड के बदले, अपना पासवर्ड, यहाँ कूटशब्द बदलें पर क्लिक कर डालें। नीचे, 'सुरक्षित करें' पर क्लिक करें।
  8. मेरे चिट्ठे/ मेरे औज़ार पर क्लिक करें
  9. दिये गये खाली आयत में अपने ब्लॉग का URL डाल कर शामिल करें बटन पर क्लिक करें
  10. सही URL डाला गया होगा तो कुछ ही क्षणों में स्वीकृति दिखने लगेगी। प्रदर्शित होगा कि 'कोशिश कामयाब रही, कुछ ही समय में इसे जाँच कर शामिल कर लिया जायेगा।'
  11. सबसे नीचे की ओर आपके द्वारा शामिल चिट्ठे के अंतर्गत आपके ब्लॉग की सूचना होगी। जैसे कि ब्लॉग बुखार [http://blogbukhar.blogspot.com/] शामिल होने के इंतज़ार में है।
  12. अगले कुछ घंटो के भीतर, चिट्ठाजगत द्वारा, चिट्ठा शामिल कर लिए जाने पर "चिट्ठा अधिकृत करें कड़ी" वहाँ प्रदर्शित होने लगेगी तथा एक ई-मेल भेजी जायेगी।
  13. उसी पृष्ठ पर सबसे नीचे की ओर अनाधिकृत (दावा नहीं किए) चिट्ठे के अंतर्गत तीन विकल्प दिये गये होंगे
  14. पहले विकल्प में, सामने प्रदर्शित HTML कोड को अपनी अगली पोस्ट प्रथम पंक्ति के ऊपर डाल दें। वहीं सामने दिए गए वाक्यांश - तुरंत अधिकृत करें पर क्लिक करें। जैसे ही आपकी अगली पोस्ट प्रकाशित होगी, चिट्ठाजगत अपने तंत्र में आपका ब्लॉग शामिल करते हुए सूचना देगा कि -शुक्रिया, दावा प्रक्रिया पूरी हुई, आप मेरे चिट्ठों में अपना चिट्ठा देख सकते हैं।
  15. द्वितीय विकल्प में, सामने प्रदर्शित HTML कोड को अपने ब्लॉग के बगल की पट्टी, Side Bar में Add a Widget प्रक्रिया द्वारा डाल दें, जैसे ही आपका ब्लॉग सहेजा जाए, वहीं सामने दिए गए वाक्यांश - तुरंत अधिकृत करें पर क्लिक करें। चिट्ठाजगत अपने तंत्र में आपका ब्लॉग शामिल करते हुए सूचना देगा कि -शुक्रिया, दावा प्रक्रिया पूरी हुई, आप मेरे चिट्ठों में अपना चिट्ठा देख सकते हैं।
  16. तृतीय विकल्प में, सामने प्रदर्शित HTML कोड को अपने ब्लॉग में, Blogger Account -> Dashboard -> Blog Layout -> Edit html पर क्लिक करते हुए, टेम्पलेट के HTML में, के एक दम नीचे डाल कर सहेज लें Save कर लें। सामने दिए गए वाक्यांश - तुरंत अधिकृत करें पर क्लिक करें। चिट्ठाजगत अपने तंत्र में आपका ब्लॉग शामिल करते हुए सूचना देगा कि -शुक्रिया, दावा प्रक्रिया पूरी हुई, आप मेरे चिट्ठों में अपना चिट्ठा देख सकते हैं।
  17. क्रमांक 14, 15, 16 में तीनों विकल्पों में प्रयुक्त HTML कोड, ब्लॉग शामिल होने के पश्चात संबंधित स्थानों से हटाए जा सकते हैं। ब्लॉग टेम्पलेट सहेजना मत भूलियेगा।
अगली बार जब आपके ब्लॉग पर कोई नई पोस्ट छपेगी तो वह चिट्ठाजगत पर प्रदर्शित होना शुरू हो जायेगी।

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Tuesday, July 21, 2009 / लेबल: , , , ,

ब्लॉग में 5 सितारा रेटिंग जोडें, पाठक की रूचि भी जानें

वैसे तो ब्लॉग पर पोस्ट की त्वरित पसंद बताए जाने के ढ़ेरों विजेट मौज़ुद हैं। ब्लॉगस्पॉट ने Reactions के नाम से एक चुनाव दिया हुया है, ब्लॉगवाणी ने ब्लॉगवाणी पसंद के नाम से एक विजेट उपलब्ध करवाया है, चिट्ठाजगत का भी एक विजेट है। सभी से आपकी पोस्ट को पसंद किए जाने का पैमाना पता चलता है। किन्तु यहाँ जिस विजेट के बारे में बताया जा रहा है वह उस ब्लॉग पोस्ट के साथ-साथ फीड पर भी, पाठक द्वारा दूसरी पोस्ट्स को पसंद किए जाने पर उसे अनुशंसित करता है पढ़ने के लिए, जिससे सम्बंधित पाठकों की रूचि का पता लगता है।

इस खूबसूरत से दिखने वाले पाँच सितारा वाले विजेट के बटन का उपयोग किसी भी वेबसाईट/ ब्लॉग Blogger, WordPress, typepad पर किया जा सकता है। अन्य भाषायों के साथ-साथ, रवि रतलामी जी द्वारा किये गए अनुवाद की बदौलत यह हिंदी में भी उपलब्ध है। इस बेहद आसान, उपयोग में सरल, मुफ्त विजेट के लिए किसी पंजीयन की विशेष आवश्यकता नहीं है।
इसके लिए
  1. यहाँ क्लिक करें।
  2. पंजीयन करना हो तो STEP 1 का चुनाव करें, अन्यथा
  3. STEP 2 पर अपने ब्लॉग का URL डालें तथा मंच चुने, जैसे कि ब्लॉगस्पॉट या वर्डप्रेस आदि। अपनी ब्लॉग की भाषा का चुनाव करें
  4. Get Widget Now पर क्लिक करें
  5. ब्लॉगस्पॉट पर हों तो अगले खुले पृष्ठ पर Add Widget पर क्लिक करें, वर्डप्रेस पर हों तो STEP 3 के निर्देशानुसार विजेट लगाएँ
  6. अपना ब्लॉग टेम्पलेट सहेजिए/ Save कीजिए। ब्लॉग देखिए
  7. फीडबर्नर के लिए निर्देश यहाँ मौज़ूद हैं
बताईयेगा यह फाईव स्टार रेटिंग कैसी रही!

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Monday, July 20, 2009 / लेबल: , , , , ,

ऑर्कुट प्रोफाईल को ब्लॉग पर कैसे दिखायें

हिन्दी ब्लॉग जगत में प्रवेश करने वाले अधिकतर व्यक्ति ऑरकुट में भी अपना खाता बनाए हुए हैं. कई ब्लागरों की चाहत रहती है कि अपना ऑरकुट प्रोफाईल भी ब्लॉग पर दिखे जिससे आगंतुक को उसके ऑरकुट खाते की जानकारी भी मिल जाए और आने वाला, वहां तक पहुँच सके . इसका तरीका बेहद आसान है जिसके लिए आपको अपने ऑरकुट खाते के लिए लोगिन कीजिए व यहाँ क्लिक कर खुलने वाले आयत में मांगी गई जानकारियां देते जाएँ.

मांगी गई जानकारियों वाले पृष्ठ में

  1. शीर्षक अपना पसंदीदा दीजिये.
  2. अपने ऑरकुट प्रोफाईल की तस्वीर का URL डालें (इसके लिए अपने ऑरकुट प्रोफाइल की तस्वीर पर Right Click करें तथा copy image location को चुन कर उसे Profile Pic Url के सामने paste कर दें.
  3. यही प्रक्रिया Your Profile Url, Your Scrapbook Url, Your Send message Url, Your Write Testimonial Url, Your Send Teaser Url में भी अपनाई जानी चाहिए.
  4. फिर Add Widget To My Blog पर क्लिक करें
  5. अपने ब्लॉग को चुन कर आगे बढें.
  6. आवश्यकतानुसार विजेट को घसीट कर अपने इच्छित स्थान पर ले जाएं
  7. Preview देखें, ठीक लगे तो टेम्पलेट सहेज लें, Save कर लें, फिर अपना ब्लॉग देखें.
इसी प्रक्रिया में कभी कभी अनुभव होता है कि विजेट जुड़ते वक्त Layout वाला पृष्ठ कहीं अटक गया है, Hang हो गया है. ऎसी स्थिति में उस टैब को बंद कर पुन: सामान्य तरीके से वही पृष्ठ खोल कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है.

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